भारी संख्या में शहरवासी करते हैं खरीदारी
गाजियाबाद। शहर में भले ही मॉल कल्चर तेजी से पैर पसार रहा हो, लेकिन साप्ताहिक पैठ बाजार का क्रेज आज भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। रोजाना ही शहर के अलग-अलग हिस्सों में पैठ बाजार के रूप में सड़कों पर मॉल्स सज जाते हैं। शाम होते-होते बाजारों में आने वाले लोगों की संख्या शहर के किसी भी मॉल के फुटफॉल पर भारी पड़ती है। बाजार की लोकप्रियता का मुख्य कारण जरूरत का सभी सामान दुकानों की अपेक्षा कम कीमत पर मिलना है। यहां सुई से लेकर घरेलू जरूरत का हर सामान उपलब्ध हो जाता है।
कभी आम लोगों की बाजार के रूप में प्रसिद्ध रहीं इन पैठ बाजारों में खास वर्ग के लोग भी खरीददारी का मोह नहीं छोड़ पाते। यही वजह है कि सप्ताह भर मॉल्स, शोरूम्स और बाजारों में खरीददारी का विकल्प होने के बावजूद भी लोग पैठ बाजार लगने का इंतजार करते हैं। गाजियाबाद साप्ताहिक बाजार कल्याण समिति के महासचिव अनीस अंसारी ने बताया कि पैठ बाजार में दुकानदार अधिक बिक्री कम मुनाफा पर काम करते हैं। कम मुनाफा कमाने के कारण लोगों को चीजें उचित कीमत पर मिल जाती है। इसीलिए बड़ी संख्या पैठ बाजार में खरीददारी के लिए आती है।
सबसे बड़ा बाजार
यूं तो विजय नगर, वसुंधरा, झंडापुर, संजय नगर आदि जगहों पर पैठ बाजार लगते हैं, लेकिन रविवार को नवयुग मार्केट में लगने वाली बाजार सबसे बड़ी है। यहां करीब 1000 से अधिक दुकानें लगती है। आंकड़ों के मुताबिक एक दिन की पैठ बाजार में ही कारोबार करोड़ों रुपये पार कर जाता है।
जरूरत का सामान
पैठ बाजार कंपलीट शॉपिंग की अवधारणा पूरी करते हैं। किसी बड़े मॉल में मिलने वाली हर चीज यहां उपलब्ध है। कोई भी घरेलू सामान पैठ बाजार में उपलब्ध है। सस्ते से लेकर महंगा, लोकल से लेकर ब्रांडेड हर वर्ग की जरूरत पैठ बाजार में पूरी हो जाती है। पैठ बाजार में विदेशी कपड़ों की जमकर बिक्री हो रही है।