गाजियाबाद। लीज के नाम पर करोड़ों का घपला करने का मामला अब लखनऊ तक पहुंच गया है। नगर आयुक्त ने मामले की पूरी जानकारी शासन को भेज दी है। इसके साथ ही पत्रावलियों का अवलोकन शुरू हो गया है। निगम अफसरों की मिलीभगत अब साफ नजर आने लगी है।
करोड़ों के घपले में अब वर्ष 2008-09 केबजट का भी दोबारा से अवलोकन किया जा रहा है। बजट में जमीन से प्राप्त होने वाली 1444 करोड़ की एकमुश्त आय को दर्शाया गया था, जिसका बाद में कहीं उल्लेख नहीं है।
नगर आयुक्त ने विधि विभाग के समय पर संज्ञान न लेने को गंभीरता से लिया है। इसके अलावा बजट के स्थानीय आडिटर से भी जवाब तलब किया गया है। कुल 178 संपत्तियों में से ज्यादातर को बेचकर बिल्डर निकल गए हैं। नगर आयुक्त जितेन्द्र सिंह ने बताया कि अब पूरा मामला आयुक्त मेरठ मंडल और नगर विकास सचिव को भेज दिया गया है। वर्ष 2008 के बाद की पत्रावलियों की जांच की जा रही है।