गाजियाबाद। जीडीए ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई का फार्मेट बनाया है। सभी जोन के अभियंताओं को फार्मेट की कॉपी दे दी गई है। अभियंता अपने-अपने जोन में निरीक्षण कर अवैध इमारतों की जानकारी निर्धारित फार्मेट में देंगे। इसके अलावा अभियंताओं को एक चेक लिस्ट भी जारी की गई है।
इसमें जीडीए के क्षेत्र में अवैध कब्जों, विकास कार्यों व निर्माण के स्थलीय निरीक्षण का ब्यौरा दर्ज होगा। इसके जरिए अवैध निर्माणों की वास्तविक स्थिति का अंदाजा मिलेगा। जीडीए अध्यक्ष ने एकल यूनिट पर बनी बहुमंजिली इमारतों, मास्टर प्लान के विपरीत हुए निर्माणों और प्राधिकरण की जमीन पर अतिक्रमण पर कड़ा रुख अपना रखा है। उन्होंने शहर के सभी जोन के अभियंताओं से अवैध निर्माणों की सही तस्वीर जानने के लिए फार्मेट के जरिए जानकारियां मांगी। एकल यूनिट में कितनी मंजिलों का नक्शा स्वीकृत है और उस पर कितनी यूनिट बनी हैं, निर्माण कब से है, नक्शा जीडीए से पास है या नहीं, आदि जानकारियां मांगी गई हैं। जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव ने बताया कि शहर में कितनी अवैध इमारतें हैं इसकी सही जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाएगी। डीम्ड सैंक्शन वाले नक्शे के स्वीकृति पत्र की एक कॉपी प्रवर्तन दस्ते को भी दी जाएगी। ऐसे में यदि स्वीकृति से अधिक निर्माण हो रहा है तो प्रवर्तन दस्ता नक्शे से मिलान कर कार्रवाई कर सकेगा। प्रवर्तन के साथ मास्टर प्लान विभाग को भी फार्मेट की कॉपी दी गई है।
गुणवत्तापरक विकास पर ही भुगतान
जीडीए अध्यक्ष ने विकास कार्यों में पाई जाने वाली कमियों को निर्माणकर्ता से पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब तक विकास कार्य की गुणवत्ता से पूरी तरह संतुष्ट न हों, बिलों के भुगतान की संस्तुति न करें और अभियंता/ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के बाद ऑफिस आएं
जीडीए उपाध्यक्ष ने सभी जोन के अभियंताओं को सुबह ऑफिस आने से पहले अपने क्षेत्र का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण में प्रत्येक अभियंता दैनिक कार्यों की डायरी बनाएंगे, जिसे समय-समय पर अधिकारी चेक करेंगे।