पावर प्लांट के कूलिंग टावर पर काम करते मजदूर।
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यमुनापट्टी इलाके में बन रहे 1980 मेगावाट पावर प्लांट पर मजदूरों ने रविवार से फिर काम शुरू कर दिया है। इससे पहले सुबह कार्यस्थल पर पंडित को बुलवाकर हवन-पूजन करवाया गया। बीते दिनों मजदूर की मौत के बाद साथी मजदूरों ने जमकर बवाल किया था। इसके बाद से काम बंद था।
घटनाक्रम के अनुसार बीते शुक्रवार की भोर नेयवेली पावर प्लांट की सहायक निर्माण इकाई बीजीआर कंपनी के एक मजदूर प्रमोद मंडल की बीमारी से मौत हो गई थी। बीजीआर कंपनी प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने उपद्रव कर दिया था। मजदूरों के साथ स्थानीय गांव लहुरीमऊ के लोग भी शामिल हो गए। उन्होंने कंपनी के आफिस में पथराव और तोड़फोड़ करने के साथ ही कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। हालात बेकाबू देख अधिकारी कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंच गए। जबकि, पड़ोसी जनपद हमीरपुर से भी पुलिस बल बुलवाया गया। पुलिस ने उपद्रव करने वालों पर लाठीचार्ज करके हालात काबू में किए थे। थाना सजेती में बीजीआर कंपनी के प्रबंधक रवींद्र सिंह की ओर से 300-400 लोगों के मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इधर, बवाल के बाद बीआर कंपनी के मजदूरों ने काम बंद कर दिया था। बीते शनिवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बीजीआर के अधिकारियों और मजदूरों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता कराई गई। जिसमें मजदूरों ने रविवार से काम शुरू करने की बात कही थी। इसी कड़ी में सुबह पहले हवन-पूजन करवाया गया फिर मजदूरों ने चिमनी और कूलिंग टावर का काम शुरू किया। उप जिलाधिकारी राहुल कश्यप विश्वकर्मा ने बताया कि स्थिति सामान्य है और मजदूरों ने काम भी शुरू कर दिया है। वहीं, सजेती थानाध्यक्ष रविशंकर तिवारी ने बताया कि पावर प्लांट में उपद्रव करने वालों की पहचान कराई जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी शुरू की जाएगी।