बीजीआर कंपनी में मजदूरों से जानकारी लेते एसडीएम।
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घाटमपुर तहसील क्षेत्र की यमुनापट्टी में बन रहे 1980 मेगावाट क्षमता के नेयवेली पावर प्लांट में काम करने वाले मजदूरों के कमरों में कूलर लगवाने के साथ ही शीतल पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम राहुल कश्यप ने पावर प्लांट पहुंचकर निर्माण कंपनी के अधिकारियों को डीएम के दिशा-निर्देश बताए। इसके साथ ही उन्होंने मजदूरों के आवासों का निरीक्षण किया और उनसे बातचीत कर हालचाल लिए। बिजली जाने की दशा में जनरेटर चलाने की बात कही। जिससे मजदूर गर्मी में आसानी से रह सके।
बता दें कि बीते महीने (24 मई) को बीजीआर कंपनी का एक मजदूर प्रमोद मंडल तेज धूप और गर्मी में बीमार हो गया था। अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई थी। प्रमोद मंडल की मौत से गुस्साए साथी मजदूरों ने बीजीआर कंपनी के कार्यालय में हंगामा करने के साथ ही तोड़फोड़ और पथराव किया था। स्थिति को काबू करने के लिए कई थानों की पुलिस और पीएसी के साथ ही पड़ोसी जनपद हमीरपुर से भी पुलिस बल बुलवाना पड़ा था। डीएम और एसएसपी के पहुंचने के बाद बवाल शांत हुआ था।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मजदूरों की समस्याएं सुनीं और देखी थीं। पता चला कि बीजीआर कंपनी मजदूरों की सुविधा के लिए लापरवाह है। मजदूरों के आवास के लिए बने टीनशेड के हालों पर डबल रैक बने थे। जिनमें क्षमता से डेढ़ गुने मजदूर भीषण गर्मी में रहते हैं। 45 डिग्री पारे में उन्हीं हालों के भीतर खाना पकाने और खाने के साथ ही सोने की व्यवस्था है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मजदूरों की समस्याओं को देखते हुए बीजीआर कंपनी के अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे।
शनिवार को उपजिलाधिकारी राहुल कश्यप विश्वकर्मा ने बताया कि डीएम के निर्देश पर वह व्यवस्थाओं का जायजा लेने गए थे। बताया कि उन्होंने बीजीआर कंपनी के अधिकारियों को तीन दिन में मजदूरों के कमरों में कम से कम दो-दो कूलर लगवाने के साथ उनको पीने के लिए घड़े का ठंडा पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मजदूरों के आवासों पर बिजली जाने की दशा में जेनरेटर चलवाए जाने को कहा गया है।