रिंद नदी के किनारे बसे सतरहुली गांव में फैले बुखार से शुक्रवार को दो और लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक महिला और एक पुरुष शामिल हैं। एक पखवारे के भीतरगांव में बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। 200 लोग बीमार हैं।
हालात पर काबू न हो पाने पर लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार चौथे दिन फिर डाक्टरों की टीम गांव पहुंची और मरीजों की जांच कर उनको दवाएं बांटीं। शुक्रवार की सुबह गांव के रामपाल पासी (42) पुत्र प्यारेलाल और रामदेई (52) पत्नी पूसू पासी की मौत हो गई।
दोनों को बीते पांच-छह दिन से बुखार आ रहा था। उनका भीतरगांव के अस्पताल में इलाज भी किया जा रहा था। हालत बिगड़ने पर उनको कानपुर रेफर किया गया। लेकिन, दोनों की कानपुर पहुंचने से पहले रास्ते में ही मौत हो गई।
शुक्रवार को लगातार चौथे दिन डाक्टरों की टीम गांव पहुंची।
सीएमओ के निर्देश पर डा. नवनीत चौधरी और डा. आशीष पालीवाल की अगुवाई में स्वास्थ्य टीम गांव गई। टीम ने गांव में 68 मरीजों की जांच के बाद दवाएं दीं। जबकि, 20 से अधिक मरीजों की खून की जांच के बाद उनको सीएचसी पतारा में भर्ती होकर इलाज कराने को कहा गया।
सीएचसी पतारा के अधीक्षक डा. जयप्रकाश ने बताया कि अब तक कुल 245 मरीजों को बुखार की शिकायत मिली है। खून जांच में कई मरीजों में मियादी बुखार पाया गया है। जबकि, आठ मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने पर उनको कानपुर रेफर किया गया है। वहीं, कुछ मरीजों में मलेरिया के भी लक्षण मिले हैं।
गांव के नरेंद्र कुमार, मालती, प्रभा, उर्मिला, शिवांशु, रामरती, बुधनी, रेखा, ममता, जयरानी, संगीता, रानी, नैंसी, दुर्गाप्रसाद, अर्चना, अंजना, कुबेर, नंदू, जगदेव, हीरालाल, रामदुलारी, प्रेमा, रामबाबू, मोहनलाल और सत्यनरायण सहित 20 मरीजों को सीएचसी में भर्ती करने के बाद इलाज शुरू किया गया है। डाक्टरों ने बताया कि बुखार काबू में आने में कुछ समय लग सकता है।