चंडाली गांव में सिचाई के लिए स्थापित नलकूप।
नलकूप विभाग की लापरवाही के कारण क्षेत्र के चंडाली गांव स्थित नलकूप के पानी से आसपास के दर्जनों किसानों की फसल जलभराव के कारण बर्वाद हो रही है। किसानों का आरोप है कि नलकूप विभाग के कर्मियों-अधिकारियों से कई बार मौखिक-लिखित रूप से खस्तहाल नालियों की मरम्मत की गुहार लगाई गई, लेकिन नालियों में सुधार न होने के कारण जब-जब सिंचाई के लिए नलकूप शुरू किया जाता है तो उनकी फसल जलमग्न होकर खराब हो जाती है।
करीब एक दशक पहले किसानों से भागदौड़ कर चंडाली गांव जीटी रोड किनारे डीप बोरिंग कराकर नलकूप की स्थापना कराई थी, तब नलकूप विभाग के अधिकारियों ने आसपास के किसानों को सिचाई का भरोसा दिलाते हुए खेतों के आसपास से पक्की नालियों का निर्माण कराया, लेकिन रखरखाव के अभाव और नियमित मरम्मत न होने से बीते कई वर्षों से नलकूप की सभी नालियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं इसकारण जब भी सिचाई के लिए नलकूप चलाया जाता है तब-तब खेतों में गांठ तक पानी भर जाता है।
नालियां टूटी होने से जहां क्षेत्र के सभी किसानों के खेतों के सिचाई का पानी नहीं पहुंच पाता वहीं अत्यधिक पानी के कारण आसपास के खेतों की फसल खराब हो जाती है। किसान अमर नाथ, किशन कुमार, रामसिंह, देशराज, रामसोहन, छोटे आदि ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के मोबाइल पर टूटी नालियां की सूचना अकसर दी जाती है, लेकिन मरम्मत के नाम पर तैनात कर्मी सिर्फ खानापूरी कर आए पूरे धन को हड़प कर जाते हैं। मामले की शिकायत भी कई बार तहसील दिवस में गई, लेकिन इसके बाद भी अब तक कोई सुधार नहीं हुआ है। आसपास के सैकड़ों किसानों से जल्द से जल्द क्षतिग्रस्त नलकूप की नाली के निर्माण की मांग नलकूप विभाग से की है।