सावन के तीसरे सोमवार पर भक्तों ने गंगाजल, दूध और बेलपत्र से शिव का अभिषेक किया। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिरों में हर-हर महादेव का जयघोष गूंजता रहा।
प्रमुख शिवालयों में श्रंगार के आयोजन हुए। वहीं कई स्थानों पर रुद्राभिषेक भी कराए गए। यमुनापट्टी क्षेत्र के सिधौल गांव स्थित मार्कण्डेयश्वर मंदिर में हमीरपुर की ओर से आने वाले भक्तों ने पहले यमुना नदी में स्नान किया इसके बाद मंदिर में पहुंचकर भोले भंडारी की पूजा की।
वहीं, बिहारेश्वर (अज्योरी), भद्रेश्वर (निबियाखेड़ा), औलियाश्वर (करचुलीपुर), झारखंडेश्वर (पालपुर), मठेश्वरधाम (बिरसिंहपुर), बैजनाथ धाम (पतारा), बाणेश्वर (बरनांव), कालेश्वर (सिमौर), रामेश्वर (नंदना), पातालेश्वर (पतरसा) के शिवालयों में भक्तों की भीड़ जुटी। वहीं, तेजपुर, रतनपुर, भदरस, बिरहर, अमौर, कसबा घाटमपुर के पुराना अस्पताल रोड, कुष्मांडा देवी और चौराहा धर्मशाला के शिवालयों के साथ ही मछैला, असधना, चौबेपुर, बीबीपुर, लालपुर, बौहार, चंवर और परौली गांवों के शिव मंदिरों में भी बड़ी संख्या में भक्तों ने शिव की पूजा-अर्चना की। रिंद नदी के किनारे बसे बिरसिंहपुर गांव स्थित मठेश्वर धाम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य तन्मय तिवारी और उनके साथियों ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाया। इस मौके पर आयोजित भंडारा और प्रसाद वितरण में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।