घाटमपुर में मुगल रोड पर जाम लगाए लोग।
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ओवरलोड वाहनों की चेकिंग के नाम पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ट्रकों का पीछा करने और चालकों के साथ मारपीट करने पर लोग भड़क उठे। उन्होंने एआरटीओ दस्ते की इस कार्रवाई के विरोध में मुगल रोड पर जाम लगा दिया और अधिकारियों को बुलाए जाने की मांग करने लगे। मौके पर पहुंचे कोतवाल ने किसी तरह भीड़ को समझाबुझाकर शांत किया।
बुधवार सुबह लखनऊ जिले के नंबर वाली तीन-चार गाड़ियों में सवार होकर आए एआरटीओ और उनके स्टाफ ने मुगल रोड पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। इससे बचने को भाग रहे दो ट्रकों को गाड़ियों से पीछा करके दौड़ा लिया और जनता इंटर कालेज से कुछ आगे पकड़ लिया। आरोप है कि एआरटीओ के दस्ते ने चालकों से मारपीट शुरू कर दी। भीड़भाड़ वाले इलाके में इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश पनपने लगा।
एआरटीओ और उनके साथ के लोग वहां के लोगों से भी उलझ गए और सरकारी कार्य में बाधा डालने के जुर्म में बंद कराने की धमकी दी। इसी दौरान भूतपूर्व सैनिक महासभा के कुछ लोग भी आ गए। इनकी एआरटीओ से झड़प हो गई तो गुस्साए लोगों ने मुगल रोड पर जाम लगा दिया। मामला बिगड़ते देख एआरटीओ और साथ के लोग वहां से खिसकने लगे।
इस पर भीड़ ने उनको घेर लिया और मौके पर किसी वरिष्ठ अधिकारी को बुलवाने की मांग करने लगे। उधर मुगल रोड पर जाम की सूचना पर कोतवाल प्रमोद यादव दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामला समझने के बाद किसी तरह उत्तेजित लोगों को समझाबुझाकर शांत किया। भूतपूर्व सैनिक महासभा के अध्यक्ष जयमूर्ति यादव का आरोप था कि चेकिंग के नाम पर एआरटीओ की यह कार्रवाई बस्ती के भीतर किया जाना गलत है। लोगों की मांग थी कि एआरटीओ और उनकी टीम के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, एआरटीओ का तर्क था कि वह जो कर रहे हैं वह सही है। उन्होंने अपने बारे में किसी भी तरह की जानकारी देने से इंकार किया।
उधर, कोतवाल का कहना था कि इस संबंध में किसी ने कोई तहरीर नहीं दी है।