जयपुर से परचून का सामान लादकर 25 फरवरी को निकले ट्र्रक के चालक की हत्या व लूट मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को धर दबोचा है। पुलिस ने लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया है। पकड़े गए लोगों के पास दो बाइकें मिली हैं। जबकि, इस हत्याकांड के तीन आरोपी फरार हैं।
औरैया जिले के कुशलपुरा गांव निवासी ट्रक चालक विनोद कुमार यादव उर्फ गुड्डू की हत्या व ट्रक लूटकांड का खुलासा गुरुवार को एसपी प्रभाकर चौधरी ने किया।
उन्होंने बताया कि चालक विनोद व सिकंदरा के महमूदपुर गांव निवासी खलासी सचिन जयपुर से सामान लादकर निकला था। देवराहट के पास चालक की हत्याकर सामान लदा ट्रक लूट लिया था।
हत्याकांड में पुलिस ने दशरथ धानुक पुत्र रामस्वरूप निवासी फिरोजपुर सिकंदरा, नरेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना पुत्र सोबरन सिंह निवासी हाजिरपुर सिकंदरा, रोहित प्रणामी पुत्र प्रहलाद निवासी अकबरपुर इटौरा थाना आटा जालौन को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों में दशरथ धानुक ने बताया कि इस योजना में उपेंद्र कटियार पुत्र वल्लू से बातचीत की। गांव के पूर्व प्रधान वल्लू पुत्र जगदीश नारायन दुबे निवासी हरिहरपुर सिकंदरा, नरेंद्र उर्फ मुन्ना, सुनील राठौर पुत्र श्रीराम निवासी उमरपुर सिकंदरा को तैयार किया।
जयपुर से ट्रक आते ही दशरथ और उपेंद्र बैठ गए। ढाबे में खाना खाते समय उपेंद्र ने चालक विनोद के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। चालक विनोद नींद में आ गया। दशरथ ट्रक चलाने लगा और उसके साथ उपेंद्र व मुन्ना ठाकुर बैठ गए। वल्लू और सुनील बाइक से चलते रहे। लूट का माल छिपाने के लिए सुनील राठौर ने पुखरायां में किराये पर रहे रिश्तेदार रोहित को पैसे का लालच देकर बुलाया।
देवराहट क्षेत्र में एक पुराने खाली पड़े एकांत कमरे में माल उतारा गया। तभी चालक विनोद को होश में आते ही गमछे से उसका गला घोंट दिया। शव को वल्लू व सुनील ने गांव के पास एक लाही के खेत में फेंक दिया। इसके बाद ट्रक दशरथ व उपेंद्र और मुन्ना फतेहपुर जिले के चौडगरा में लावारिस हालत में छोड़ आए।
हिस्ट्रीशीटर है मुन्ना कानपुर देहात। ट्रक लूटकांड में पकड़े गए मुन्ना ठाकुर हिस्ट्रीशीटर है। हत्या सहित गैंगस्टर, गुंडा एक्ट सहित संगीन धाराओं में अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं। मौजूदा समय में हत्या के एक मामले में जमानत पर बाहर आया है।
चरन सिंह बना अहम सूत्र - पोस्टमार्टम में चालक विनोद के भाई ने बताया था कि उसके साथ दूसरे ट्रक का चालक चरन सिंह दूसरा ट्रक लेकर आ रहा है। शाम 4 बजे के आसपास बातचीत भी हुई। इसके बाद से संपर्क टूट गया।
पुलिस को पूरे घटना का यहीं से सुराग मिलना शुरू हुआ। जब चालक चरन सिंह को उठाया तो घटना का खुलासा होता गया। पुलिस का कहना है कि चालक की भूमिका भी जांच की जा रही है। उसकी मिलीभगत तो न हीं थी।
खंगाले गए आसपास के मोबाइल टावर- मोबाइल सर्विलांस ने घटना को खोलने में पूरी मदद की। इंस्पेक्टर देवराहट रणजीत सिंह ने बताया कि लाही के खेत से चालक विनोद का शव बरामद किया गया, वहां से परचून का माल पाया गया। उसके आसपास के सभी मोबाइल टावर फिल्टर किए गए। टाइमिंग पर कितने मोबाइलों की आसपास लोकेशन रही। इसी आधार पर आरोपियों तक पहुंचते गए।
ट्रक नहीं, माल लूटने की थी साजिश- पुलिस के मुताबिक 22 लाख रुपये के लदे माल को लूटने की साजिश थी। माल को उतारकर ट्रक को चौडगरा, फतेहपुर छोड़ दिया गया। वह सुबह तक माल ठिकाने नहीं लगा पाए।
सुबह गांव वालों ने परचून का सामान देखा तो पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने परचून के पैकेटों में दर्जन बिल्टी नंबर के आधार पर ट्रांसपोर्टरों से संपर्क साधा तो ट्रक मालिक का पता चल गया।