तहसील अकबरपुर में निमार्णाधीन बाउंड्री को लेकर अधिवक्ताओं और तहसील अधिकारियों के बीच तलवार खिंचती नजर आ रही है। निर्माण एजेंसी के जेई ने अकबरपुर समिति के महामंत्री समेत पांच अधिवक्ताओं पर धमकी देने और एससीएसटी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। इससे अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
मौजूदा समय में अकबरपुर तहसील परिसर को चारदीवारी में कैद किया जा रहा है। बाउंड्री का कार्य निर्माणाधीन है। निर्माण के बीच में कुछ अधिवक्ताओं के चेंबर (बस्ते) आ रहे हैं। इनको शिफ्टिंग किए जाने को लेकर बीते दिन अधिवक्ताओं और तहसील प्रशासन के बीच बैठक हुई। बीते बुधवार शाम पांच बजे उप्र राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ के जेई अशोक कुमार और कुछ अधिवक्ताओं के बीच कहासुनी और गालीगलौज हो गई।
इस पर जेई ने अकबरपुर कोतवाली में अधिवक्ता समिति अकबरपुर के महामंत्री गिरिजेश त्रिपाठी तथा चार अन्य अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ धमकी, गालीगलौज किए जाने का मुकदमा पंजीकृत कराया। मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद अधिवक्ताओं और तहसील प्रशासन के बीच टकराव के हालत बन गए हैं। तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ता विपिन दीक्षित ने कहा कि बाउंड्री बनाए जाने के मामले में जब बातचीत हो चुकी थी तो बात को इतना बढ़ाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। इस तरह से अधिवक्ताओं पर मुकदमे दर्ज किए जाएंगे तो इसके परिणाम सही नहीं होंगे।
मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी पर अधिवक्ता समिति के महामंत्री गिरजेश त्रिपाठी ने गुरुवार को एसपी को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि शाम को वह बस्ते में बैठा हुआ। इसी दौरान एसडीएम अकबरपुर जयनाथ यादव, तहसीलदार उमेशचंद्र शुक्ला और जेई निरीक्षण करते हुए। चेंबर हटाने की धमकी देते जेई और दो अज्ञात लोगों ने गाली देते हुए मारपीट शुरू कर दी। जेब में पड़े 7800 रुपये व सोने की चेन छीनकर भाग गए। मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की है।