फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन साल की बच्ची के सिर से उठा माता-पिता का साया

Mon, 21 Nov 2016 02:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
विज्ञापन
जिला अस्पताल में घायलों कों एबुलेंस से उतारते कर्मी।
विज्ञापन

विज्ञापन
रेल हादसे में तीन साल की बच्ची के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। कल्यानपुर थाना सम्मनपुर जिला अंबेडकरनगर निवासी मोनू विश्वकर्मा ने बताया कि वह भइया और भाभी से मिलने को इंदौर आए थे। गांव लौटने के लिए वह भाई-भाभी और उनकी बेटी सृष्टि के साथ इंदौर पटाना एक्सप्रेस ट्रेन में बैठे थे। हादसे के बाद कोच में चीख पुकार मच गई।

कोई दर्द से कराह रहा था तो कोई मदद के लिए गुहार लगा रहा था। कहा कि उसकी आंखों के सामने ही भइया और भाभी ने दम तोड़ दिया। किसी तरह से भतीजी को कोच से बाहर निकला। पोस्टमार्टम हाउस में मोनू ने बताया कि दोपहर तक घायलों के लिए की गई राहत व्यवस्था बदहाल थी। एंबुलेंस में बेतरतीबी से शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेजा जा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


हादसे में घायल संदीप मिश्रा ने बताया कि वह अपनी पत्नी बबिता, पुत्री साधना और सोनम के साथ लखनऊ कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। ट्रेन में धमाके के बाद वह अपनी सीट से नीचे आ गिरे। परिवार को किसी तरह से बाहर निकाला गया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान संदीप ने बताया कि अफसोस  बस इस बात का है कि वह बोगी में फंसे लोगों की मदद नहीं कर पाए। रेल हादसे में घायल बिहार निवासी उत्तम कुमार अपने साथी भुवनेश्वर कुमार और पंडितजी के साथ उज्जैन दर्शन करने जा रहे थे। बताया कि उनके दो साथियों का अब तक कुछ पता नहीं चल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें