जिला अस्पताल में प्राइवेट गाड़ियों से लाए गए घायलों का उतारते कर्मी।
इंदौर पटना एक्सप्रेस के एस-1 कोच में सवार कपिल पाराशर के आंसू थम नहीं रहे थे। कपिल बस एक ही बात कह रहे थे कि शरीर में सीट की सरिया घुसने से वह पास बैठे यात्री को बचा नहीं पाए। आंखों के सामने से मौत उसे ले गई। उधर सुल्तानपुर जिले के जगदीशपुर निवासी प्यारेलाल की बेटी ने भी दम तोड़ दिया।
इंदौर निवासी कपिल पाराशर ने बताया कि तीन बजे लघुशंका के बाद वह सीट पर लेट गया। इसके बाद अचानक धमाके की आवाज के साथ बोगी पलट गई। इसके चलते सीट की सरिया शरीर में धंस गई। हर तरफ बचाने के लिए लोग चीख-पुकार मचा रहे थे।
बताया कि पास बैठे सहयात्री सीट में ही दबा था। कुछ देर बाद आंखों के सामने ही उसकी मौत हो गई। सुल्तानपुर जिले के जगदीशपुर गांव निवासी घायल प्यारेलाल (53) पुत्र महराजदीन ने बताया कि वह इंदौर में रेल विभाग में तैनात हैं। पत्नी केसर, पुत्री रजकला, बहन सीताबाई के साथ शादी समारोह में शामिल होने फैजाबाद जा रहे थे। सुबह करीब तीन बजे तेज धमाके के साथ हादसा हो गया। बताया कि बेटी रजकला पापा बचाओ, पापा बचाओ की गुहार लगाती