राजपुर कस्बे में एक पति ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पत्नी और दो बच्चे ससुराल में थे। ससुरालवालों ने उनको भेजने से मना कर दिया था।
राजपुर के सीताराम कौशल ने बताया कि उनका पुत्र विश्वनाथ (40) शादी के बाद से मकान के ही एक कमरे में अलग रहने लगा था। वह बाजार में चाय-पकौड़ी की दुकान किए था।
उसकी पत्नी करीब चार महीने पहले पुत्र अभिषेक (14) और अभय (9) को लेकर मायके औरैया के सहार गांव चली गई थी। एक हफ्ते पहले विश्वनाथ पत्नी व बच्चों को लिवाने गया था। ससुराल ने भेजने से इंकार कर दिया। जिससे वह उदास रहता था। रविवार को सुबह देर तक उसका कमरा अंदर से बंद था।
आवाज लगाने पर भी जवाब नहीं मिला। खिड़की से देखने पर वह छत के कुंडे से लटका और उसके गले में रस्सी का फंदा कसा था।
सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़कर शव को उतारा। उसे पीएचसी ले जाया गया, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं परिजन रो-रोक बेहाल हो गए। थाना इंचार्ज प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई संजय की तहरीर इत्तिफाकिया घटना दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।