ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता मानक दरकिनार कर जिम्मेदार लोग खानापूरी करने में जुटे हुए हैं। औद्योगिक क्षेत्र मेें पीडब्ल्यूडी द्वारा एक माह पहले बनाई गई करीब ढाई किलोमीटर सड़क एक महीने बाद ही खस्ताहाल हो गई। लोगों में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क पर आक्रोश व्याप्त है।
रनियां इंडस्ट्रियल क्षेत्र से पतारी गांव के लिए बीच प्रसिद्धपुर, धौकलपुरवा, गंगाप्रसाद पुरवा सहित कई मजरे हैं। नवंबर 2015 से पतारी गांव के लिए 27 लाख रुपए लागत से नई सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ था। काम फरवरी 2016 में पूरा हुआ था। सड़क निर्माण में जहां लोक निर्माण विभाग को करीब तीन माह का समय लगा, वहीं यह सिर्फ लगभग एक माह में ही खस्ताहाल हो गई। सड़क की हालत इस कदर दयनीय है कि बड़े-बड़े गड्ढे होने से चौपहिया वाहन अक्सर फंस जाते हैं।
वहीं पिछले दिनों हुई बरसात का पानी भी इसके गड्ढों में भरा हुआ है। स्थानीय निवासी जयप्रकाश, घनश्याम, विश्वनाथ आदि ने बताया कि एक माह पूर्व नई सड़क बनने से बीस हजार आबादी में खुशी की लहर थी लेकिन गुणवत्ताविहीन सड़क निर्माण होने से लोगों को फिर से परेशानी होने लगी है। वहीं जेई एमबी सिंह ने बताया कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क पर गड्ढे हुए हैं। वहीं फैक्ट्रियों का पानी भी सड़क पर भरा रहता है, जिससे सड़क उखडने लगती है।