प्रोजेक्टर खराब होने से शिक्षकों ने बच्चों को ब्लैक बोर्ड के जरिए पढ़ाया।
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राष्ट्रपति के पैतृक गांव परौंख में बुधवार को स्मार्ट क्लासेज का संचालन नहीं हो सका। मंगलवार को शुभारंभ के बाद बुधवार से स्मार्ट क्लासेज के संचालन की उम्मीद थी, लेकिन प्रोजेक्टर की क्वालिटी खराब होने के चलते यूनीसेड की टीम उसे वापस ले गई। गुरुवार को नया प्रोजेक्टर लगाए जाने की उम्मीद है। वहीं विज्ञान लैब में रखे गए उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण शिक्षकों को नहीं दिया गया है, जिससे वह भी शोपीस बने रखे रहे। परौंख के उच्च प्राथमिक विद्यालय में आईआईटी के सहयोग से यूनीसेड संस्था ने स्मार्ट क्लासेज संचालन की व्यवस्था की है। मंगलवार को डीएम ने राकेश कुमार सिंह ने स्मार्ट क्लासेज का शुभारंभ किया था। संस्था ने वहां लगाए गए प्रोजेक्टर को चलाया तो उसके पर्दे व लेंस की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली। यूनीसेड की टीम शुभारंभ के बाद उसे वापस ले गई। बुधवार को स्कूल में बच्चे स्मार्ट क्लासेज के संचालन को लेकर उत्साहित थे लेकिन, प्रोजेक्टर न होने से उन्हें ऑडियो व वीडियो कांटेंट से नहीं पढ़ाया जा सका। स्कूल में पंजीकृत 106 छात्रों के सापेक्ष 86 मौजूद थे। प्रधानाध्यापक भगवान सिंह, भारत सिंह, रचित कटियार व अनुदेशक रोहित यादव, सीता मौजूद थे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि टीम प्रोजेक्टर को वापस ले गई है। स्मार्ट क्लासों से संबंधित शिक्षकों को अभी प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। विज्ञान लैब में रखे उपकरण के संचालन के बारे में भी प्रशिक्षण का अभाव है। प्रशिक्षण दिए जाने के बाद ही संचालन हो पाएगा।
प्रोजेक्टर में कुछ गड़बड़ी थी, जिसे टीम वापस ले गई है। गुरुवार को टीम विद्यालय जाकर प्रोजेक्टर लगा देगी। इसके बाद वहां शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्मार्ट क्लासेज का संचालन सही ढंग से हो सके। -उदय नारायन कटियार, खंड शिक्षा अधिकारी डेरापुर