जिले की सरकारी मशीनरी की लापरवाह कार्यप्रणाली की शिकायतें मुख्य सचिव दीपक सिंघल तक पहुंच गई। जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उन्होंने जिला प्रशासन के अफसरों को चेतावनी दी कि सुधर जाएं या फिर सजा पाने को तैयार रहें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रचार-प्रसार न होने से जनता तक नहीं पहुंच रही है। जनप्रतिनिधि तक तमाम योजनाओं के बारे में नहीं जानते हैं। रोजगार मेला तक नहीं लगाया जा रहा है। लोग अफसरों के कामकाज से असंतुष्ट हैं इसीलिए भाषण में सजा देने का जिक्र करने पर सबसे ज्यादा तालियां बजा रहे हैं। कहा कि जो योजनाओं का लाभ जनता तक नहीं पहुंचने देगा उसे सजा दी जाएगी।
दीपक सिंघल ने कहा कि जल्द ही योजनाओं की जानकारी जनता व जनप्रतिनिधियों तक न पहुंची तो जिलाधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। अधिकारियों को 15 दिन का मौका दिया जा रहा है। ईमानदारी से काम करें। गुंडागर्दी रोकें। जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर विकास कार्य तेज करने की रणनीति बनाएं।
लखनऊ पहुंचने के बाद वे खुद अगले पखवाड़े से सूरतेहाल परखेंगे और तब कमी मिली तो दोषी अफसरों को दंडित करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से बरसात के बाद सारे तालाबों को खुदवाकर गहरा कराने का प्रस्ताव है। शहरों व गांवों को साफ-सुथरा किया जाएगा ताकि बीमारी न फैलने पाए।