झींझक कसबे के गढ़ी महेरा गांव में गैस सिलेंडर बदलने के दौरान रेगुलेटर लगाने के बाद चूल्हा जलाने ही आग लग गई। गृहस्वामी ने जलता सिलेंडर घर के बाहर फेंक दिया। थोड़ी देर बाद सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गया और चिथड़े उड़ गए। गांव में हड़कंप मच गया।
मंगलवार को गढ़ी महेरा गांव निवासी रामसिंह की पत्नी कमलेश कुमारी ने नया सिलेंडर बदलने के दौरान रेगुलेटर लगाया था। खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर खोलते ही आग पकड़ ली। सिलेंडर धू-धूकर जलने लगा। सिलेंडर से उठती आग की लपटें देख कमलेश कुमारी ने शोर मचाया।
रामसिंह ने सिलेंडर को घर के बाहर मैदान में फेंक दिया। लोगों ने पानी व मिट्टी डाल कर जल रहे सिलेंडर को बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आग नहीं बुझी। इसी दौरान गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फटकर चीथड़े-चीथड़े हो गया। गांव में हड़कंप मच गया। गांवों के सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई।
सिलेंडर फटने से किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। चौकी प्रभारी झींझक संतोष कुमार आर्य ने बताया की घटना की जानकारी नहीं है। दूसरी ओर महामाया गैस एजेंसी के प्रबंधक कुंवर सिह ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर चेक करके ही दिया जाता है। रेगुलेटर सही न लगाने से हादसा होने की संभावना है। रामसिंह ने बताया कि तीन माह पहले कनेक्शन लिया था। दो गैस सिलेंडर दिए गए थे। मंगलवार को दूसरा सिलेंडर लगा रहा था।
रेगुलेटर से लीकेज के बाद आग से धू-धूकर जल रहे सिलेंडर को देखकर हर किसी की सांस फूल गई। गृहस्वामी रामसिंह ने हिम्मत दिखाते हुए जलते सिलेंडर को बाहर खुले मैदान में फेंक दिया। सिलेंडर तेज धमाके से फट गया। सिलेंडर किचेन में फटता तो बड़ा हादसा हो सकता था।