पिछले सोमवार को आए तेज आंधी-पानी से जिला अभी तक उबर नहीं सका था कि बुधवार देर रात को दोबारा तेज आंधी-पानी ने देहात को तहस-नहस कर दिया। तेज आंधी-पानी से जिलेभर के करीब 500 पोल गिर गए, जिससे करीब साढ़े छह सौ गांव अंधेरे में डूब गए। बिजली न आने से पानी के लिए हाहाकार मचा है।
बुधवार देर रात अचानक मौसम का रुख बदलने से जिलेभर में तेज-आंधी पानी की स्थिति रही। जोरदार आंधी के चलते कस्बों, गांवों में घरों के छप्पर, टीनशेड आदि उड़ गए। तेज आंधी का आलम यह रहा कि बिजली पोल व बड़े-बड़े पेड़ धराशाई हो गए।
आंधी-पानी के चलते अकबरपुर नगर पंचायत सहित माती मुख्यालय, सबस्टेशन सहित आसपास क्षेत्र के करीब 22 गांवों की बिजली गुल रही। देर शाम तक सिर्फ माती मुख्यालय की बिजली आपूर्ति ही बहाल हो सकी। जेई हरीप्रसाद ने बताया कि जैनपुर स्थित 33 केवीए सबस्टेशन के 5 बिजली पोल उखड़ गए हैं। सबस्टेशन व बिजली पोलों की मरम्मत कराई जा रही है। झींझक प्रतिनिधि के अनुसार तेज आंधी के चलते क्षेत्र के करीब 18 बिजली के पोल ध्वस्त हो गए। जिससे किशौरा, मंगलपुर, सुरासी, जैतीपुर, परजनी सहित करीब 225 गांवों की बिजली गुल हो गई। जेई सचिन यादव ने बताया कि आंधी से मंगलपुर की मेन लाइन ध्वस्त हुई है।
देर रात सिर्फ मंगलपुर कस्बे की बिजली आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। डेरापुर प्रतिनिधि के अनुसार आंधी-पानी के चलते 60 बिजली पोल व लाइनें तहस-नहस हो गई। जिससे क्षेत्र के खिरवां, डूडीबरी, महमूदापुर, निम्दापुर, भड़ावल, बिरिया, फत्तेपुर, नोनारी, खजुरी, खल्ला, मड़नापुर, बिसोहा, गलुवापुर सहित करीब 130 गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। जेई सोहन स्वरूप ने बताया कि आंधी से तीन इंसुलेटर व दो डिस्क प्लेट ध्वस्त हुई है।
बताया कि क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों व पोलों की मरम्मत कराई जा रही है। शुक्रवार शाम तक सिर्फ डेरापुर कस्बे की आपूर्ति बहाल होने की संभावना है। रनियां प्रतिनिधि के अनुसार तेज आंधी-पानी के चलते सबस्टेशन से जुड़े 27 बिजली पोल तहस-नहस हो गए। जिससे शेरपुर तरौंदा, रनियां कस्बा सहित 20 गांवों की बिजली व्यवस्था चौपट हो गई। शिवली प्रतिनिधि के अनुसार आंधी-पानी से चौबेपुर से जुड़े शोभन फीडर की बिजली ठप हो गई।
जिससे शिवली नगर पंचायत सहित करीब 100 गांवों में अंधेरा पसर गया। मुंगीसापुर प्रतिनिधि ने बताया कि भीषण आंधी के चलते बरौर फीडर से जुडे़ नौ बिजली पोल गिर गए। कैरामऊ, नंदपुर, तारनपुर, दोहरापुर, जगम्मनपुर, बलहरामऊ, अंगदपुर, मवईमुक्त सहित करीब 24 गांवों में अंधेरा छाया हुआ है।
रूरा प्रतिनिधि के अनुसार आंधी-पानी से जिलेभर में सबसे अधिक तबाही रूरा क्षेत्र के गांवों में हुई। आंधी से क्षेत्र के करीब 150 पोल उखड़ गए, जिससे क्षेत्र के करीब 24 गांवों की बिजली गुल हो गई। सरवनखेड़ा प्रतिनिधि के अनुसार आंधी से क्षेत्र के 80 बिजली पोल व लाइनें ध्वस्त हो गई।
70 गांवाें में दूसरे दिन भी घुप्प अंधेरा छाया रहा।जिले में बुधवार रात आई तेज आंधी से गुरुवार को जिलेभर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप रही। कस्बों से लेकर गांवों में जगह-जगह विद्युत लाइनों में आई फाल्ट के चलते कर्मचारी मरम्मत में जुटे रहे। वहीं बिजली न आने से नगर पंचायतों, कस्बों व गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा रहा।