बारा टोल प्लाजा में अवैध वसूली व मनमानी की लेकर हुई शिकायत मामले में जांच करने पहुंची तीन सदस्यीय टीम ने दिन में शिकायतें सुनने के बाद देर रात तक टोल के रिकार्ड खंगाले। इस दौरान टीम ने टोल के लिए पूर्व में तय किए गए बारा गांव से अकबरपुर की ओर करीब डेढ़ किमी आगे चयनित स्थल का निरीक्षण किया।
बताते चलें कि बारा टोल प्लाजा में हो रही अवैध वसूली पर मंत्रालय से चीफ इंजीनियर आईके पांडेय, मोमिन नेशनल प्रोजेक्ट मानीटर व बीके चुग नेशनल प्रोजेक्ट मानीटर की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम जांच में जुटी है। पहले दिन मंगलवार को टीम के सदस्य ने जनता की शिकायतें लिखित में ली थी।
बुधवार को टीम के तीनों सदस्यों ने पूरे दिन टोल टैक्स में जनता सहित जनप्रतिनिधियों, व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, वाहन चालक आदि की शिकायतें सुनकर दस्तावेज लिए थे। मामले में सांसद ने वसूली व अनियमितताओं के दस्तावेज जांच टीम को सौंपे थे। जिससे प्रारंभिक तौर पर मामले में एचएनआई व टोल प्रबंधन की खामियां उजागर हुई थी।
बुधवार देर शाम तक जांच टीम के सदस्य टोल प्लाजा से संबंधित दस्तावेजों को खंगालते रहे। इस दौरान टीम ने टोल स्थापित किए जाने वाली जमीन का स्थलीय निरीक्षण किया। ज्ञात हो कि उक्त जमीन पर धार्मिक कारणों से टोल टैक्स स्थापित नहीं किया गया।
मामले में लोगों ने कानपुर-चकेरी-इटावा से टोल वसूलने वाले स्थान की जगह टोल न लगाने की बजाय झांसी रूट मिलने वाले हाइवे पर टोल स्थापित करने की शिकायत की है। लोगों का कहना है कि टोल प्रबंधन मिली भगतकर अपने फायदे के लिए दो रूटों के हाइवे का मनमाना किराया वसूल रहा है। जबकि टोल वसूलने के लिए सिर्फ कानपुर-चकेरी-इटावा का रूट ही अधिकृत है। इस संबंध में टोल एजीएम मनोज शर्मा ने बताया कि बुधवार को जांच टीम ने टोल स्थापित होने वाली जगहों का स्थलीय निरीक्षण किया है। गुरुवार को जांच टीम ने एचएनएआई के दस्तावेज देखे हैं।