डेरापुर-मंगलपुर मार्ग पर मुर्रा गांव के पास गुरुवार की सुबह दो टेंपो की भिड़ंत हो गई। इसमें एक युवक की मौत हो गई। पांच लोग घायल हो गए। दुर्घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों टेंपो को आग लगाकर फूंक दिया। तीन घंटे तक बवाल चलने के बाद एसडीएम के समझाने पर लोग शांत हुए।
सुबह करीब नौ बजे दो जेएसए टेंपो मंगलपुर की तरफ जा रहे थे। एक-दूसरे को ओवरटेक करके आगे निकलने की होड़ मेंदोनों टेंपो के चालक संतुलन खो बैठे। इससे मुर्रा गांव के पास जोरदार आवाज के साथ दोनों टेंपो आपस में टकराकर पलट गए। चीखपुकार सुनकर मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने टेंपों के नीचे दबी सवारियों को बाहर निकाला। इस दौरान एक टेंपो में सवार डेरापुर थाने के गांव खल्ला निवासी रामदास पुत्र प्रभूदयाल (40) की मौत हो गई।
वहीं इसी गांव के ही बलराम, महावीर, आनंद और मुर्रा गांव के राम गोपाल व उसकी पुत्री ज्योति घायल हो गईं। उनको जिला अस्पताल ले जाया गया। दोनों टेंपोचालक भाग निकले। इससे ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने तोड़फोड़ के बाद टेंपो में आग लगा दी।
सूचना पाकर डेरापुर थाना क्षेत्र की पवन मोबाइल टीम के सिपाहियों ने शव को लोडर में रख लिया। इस पर भीड़ पुलिसकर्मियों से भिड़ गई और लोडर से शव उतारकर रोड पर रख दिया। भीड़ ने जाम लगा दिया और लोग मुआवजे की मांग करने लगे।
एसडीएम अमित राठौर, थानाध्यक्ष शिवकांत शुक्ला, तहसीलदार रामदयाल सरन के अलावा मंगलपुर, डेरापुर, सिकंदरा, बरौर थाने से भारी मात्रा में पुलिस बल को मौके पर बुला लिया गया। अफसरों ने दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों को समझाकर व मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शांत कराया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के बेटे अशोक ने रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि टेंपो अधिक स्पीड में होने के कारण भिड़े। चालक की लापरवाही की वजह से हादसा हुआ और उसके पिता की जान चली गई।