प्रभात इंजीनियरिंग कालेज में फूड प्वाइजनिंग से बीमार एक सैकड़ा से ज्यादा छात्रों में से ज्यादातर स्वस्थ होकर घर चले गए, लेकिन 18 छात्र अभी भी भर्ती हैं। इनमें पांच छात्र आईसीयू में हैं।
एडीएम प्रशासन शिवशंकर गुप्ता ने कहा कि फूड प्वाइजनिंग के बाद भारी संख्या में छात्रों के अस्पताल में आने पर सूचना जिला प्रशासन के देनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हास्पिटल संचालक से जवाब-तलब किया जाएगा।
राजावत अस्पताल के संचालक डा. प्रशांत राजावत ने बताया कि ऋषभ सचान, स्वाती राय, चंदन सिंह, सूरज सिंह, किशन आईसीयू में हैं। ऋषभ की हालत में सुधार होने पर वार्ड में शिफ्ट किया गया लेकिन तबीयत बिगड़ी तो फिर आईसीयू में भेज दिया गया।
छात्र पंकज कुमार, आनंद, मनोज वर्मा, राम औतार, रोहिताश, कृष्णा, दिव्या, संगीता, निकिता, अनामिका, मोनिका, सुजीत पटेल, श्रीकृष्ण का वार्ड में उपचार चल रहा है। सीएमओ डा. अनीता सिंह ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. शिशिर पुरी व डा. विशाल दिवाकर को मौके पर भेजा।
उन्होंने बीमार बच्चों के उपचार की व्यवस्था देखी। रात में एक सरकारी एंबुलेंस भी डटी रही। बुधवार की देररात 12 एंबुलेंसों से छात्रों को कालेज तक छोड़ा गया। जबकि कई छात्रों के परिजन अस्पताल परिसर में डटे रहे।
सवा सौ बच्चों को घर भेजा गया- कालेज के मैनेजर गौरव गुप्ता ने बताया कि लगभग 125 छात्र-छात्राओं को ठीक होने के बाद घर भेज दिया गया है। कालेज प्रबंधन ने अभिभावकों को भी इसकी जानकारी भेज दी है।