जदयू नेता के बयान के विरोध में प्रदर्शन करते युवा।
जनता दल (यू) नेता अध्यक्ष शरद यादव के विवादित बयान को लेकर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कस्बे में विरोध जुलूस निकाला। कार्यकर्ताओं ने जद (यू) अध्यक्ष के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बता उनके खिलाफ नारेबाजी कर भड़ास निकाली। बंदी माता तिराहे पर जद यू नेता का पुतला फूंका।
मालूम हो कि जनता दल (यू) नेता शरद यादव ने गत शुक्रवार को कानपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान बेरोजगारी पर व्यंग कसते हुये कांवड़ियों को निशाना बनाया था। आरोप है कि जदयू नेता ने कांवड़ियों की तुलना बेरोजगारों से करते हुये कहा था कांवड़ियों की संख्या देखकर अंदाजा लगा सकते है कि देश में कितने बेरोजगार सड़कों पर हैं।
इनके पास यदि कोई काम होता तो वह इस तरह नहीं दिखते। इस बयान के विरोध में विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे स्टेशन के निकट से विरोध जुलूस निकाला गया।
हनुमान मंदिर तक गया जुलूस वापस बंदी माता तिराहे पर आकर समाप्त हुआ। ं आक्रोशित पदाधिकारियों और कार्यकताओं ने पुतले को आग के हवाले कर अपनी भड़ास निकाली। परिषद के नरेंद्र जी ने कहा कि शरद यादव का बयान हिंदू धर्म की भावनाओं पर सीधी चोट है। बजरंग दल के जिला संयोजक सुनील चन्देल ने कहा कि जदयू नेता का बयान आस्था पर कुठारा घात है।
गौरक्षक आदित्य त्रिपाठी के मुताबिक शरद यादव का बयान उनकी नकारात्मक मानसिकता का परिचायक है। हिन्दू युवा वाहिनी के आरके पांडेय के मुताबिक राष्ट्रीय अखंडता व आपसी प्रेम के परिचायक कांवड़ियों पर ऐसी टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मौके पर भाजपा के संतोष यादव, आकाश कटियार, मनीष अवस्थी, अनुपम दीक्षित, धनंजय, संकुर जायसवाल, सुमित चन्देल व दीपक सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।