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सच्चे मन से स्मरण करने पर मिलते हैं भगवान

Mon, 06 Feb 2017 01:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर देहात
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गोवर्धन डाकू लीला का मंचन करते कलाकार।
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 तहसील क्षेत्र के बरीमहतैन गांव स्थित प्राचीन मंदिर परिसर में चल रहे 40वें श्री विष्णु यज्ञ, श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह और रासलीला समारोह में भीड़ उमड़ रही है। रविवार को रासलीला में गोवर्धन डाकू लीला का मंचन किया गया, जिसमें संदेश दिया गया कि ईश्वर का सच्चे मन से स्मरण करने पर भक्त को उनकी कृपा जरूर मिलती है।
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वृंदावन से पधारे नेमचंद्र महराज की रासलीला मंडली के कलाकारों ने प्रथम सत्र में कालिया नाग मर्दन की लीला का मंचन किया। जबकि, सायंकालीन सत्र में गोवर्धन डाकू लीला का मंचन किया। जिसमेें दिखाया गया कि गोवर्धन नाम का एक खूंखार डाकू था।

एक दिन वह अपने गिरोह के साथ एक गांव में डाका डालने पहुंचा। लेकिन, जिस घर में वह घुसा गृहस्वामी पत्नी और बच्चों के साथ पूजा करने में व्यस्त था। इधर, डाकू उनके पूजन खत्म होने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
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जैसे ही पूजन खत्म हुआ तभी, छोटे बच्चे ने अपने पिता से डाकू गोवर्धन के बारे में पूछ दिया कि पिता जी क्या डाकू भी भगवान की पूजा करते हैं। पिता ने जवाब दिया कि हां बेटा। बस इतना सुनते ही डाकू गोवर्धन का हृदय परिवर्तन हो गया और उसने लूटमार न करने का प्रण कर लिया। उसने छोटे बच्चे को अपना गुरू मानकर उससे भगवान के दर्शन कराने का आग्रह किया। आगे चलकर गोवर्धन डाकू एक संत बन गया।

इधर, भागवत कथा में भी ईश्वर के स्मरण की महिमा का बखान किया गया। कथा व्यास फतेहकृष्ण ने सुमधुर वाणी से श्रोताओं को कथारस का पान कराया। आचार्य विष्णु स्वरूप शास्त्री ने यजमानों से हवन कुंडों में यज्ञाहुतियां डलवाईं। भागवत कथा में परीक्षित के रूप में  जयगोपाल बाजपेई के अलावा अवध विहारी अग्निहोत्री, छोटेलाल बाजपेई, राधाचरण त्रिपाठी, बउवा शुक्ला, सोनू अवस्थी और सुशील मिश्रा सहित सभी ग्राम वासियों का सहयोग है।
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