ट्रैक का जायजा लेते रेल महाप्रबंधक।
कानपुर-झांसी रूट पर चौरा से पामा स्टेशन तक 36 किलोमीटर पूरा रेलवे ट्रैक बदला जाएगा। एक नॉनस्टाप ट्रेन का ठहराव भी कराने का प्रयास किया जाएगा। यह आश्वासन रेलवे महाप्रबंधक एमसी चौहान ने लोगों को दी। मलासा स्टेशन से ट्राली में बैठकर वह चौरा स्टेशन तक ट्रैक का निरीक्षण करते हुए पहुंचे। ट्रैक में खामियां देखकर सीनियर डीईएन को फटकार लगाई। लापरवाही पर भीमसेन स्टेशन के सिगनल इंसपेक्टर अरविंद श्रीवास्तव और रेलपथ निरीक्षक नवीन कुमार को निलंबित कर दिया।
उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अपनी स्पेशल ट्रेन से मलासा स्टेशन तक पहुंचे। वहां से स्पेशल ट्रेन को चौरा के लिए रवाना कर दिया गया। वह स्टाफ के साथ मौके पर खड़ी मोटर लगी 6 ट्रालियों से जांच करते हुए निकल पड़े। उन्होंने डीघ, छतेनी और गदाईखेड़ा गांवों की क्रासिंग के पहले रुक कर ट्रैक को जांचा।
इंदौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त कोच देखे। वहीं पर सीनियर डीईएन संजय भगत को तलब कर जगह-जगह ट्रैक में खामी मिलने के बाबत पूछताछ की। खामी मिलने पर फटकार भी लगाई। इसके बाद वह ट्राली से ही पुखरायां स्टेशन पहुंचे। उन्होंने ट्रैक को जांचा।
वहीं ाष्ट्रीय रेलवे सलाहकार बोर्ड के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद ने पुखरायां में तीन ट्रेनों के ठहराव के पत्र का हवाला दिया कि पूर्व महाप्रबंधक अरुण सक्सेना ने पुखरायां में ट्रेनों को स्टापेज कराने का आश्वासन दिया था। महाप्रबंधक ने इसे स्वीकार करते हुए कहा कि वह एक नॉन स्टाप ट्रेन का ठहराव देंगे। जांच के दौरान झांसी मंडल के डीआरएम अशोक मिश्र, रव अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।