पाइप पेयजल योजना के तहत तीन करोड़ सत्तर लाख रुपये की लागत से सरवनखेड़ा में प्रस्तावित पानी टंकी का निर्माण कार्य शिलान्यास होने के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी अटका पड़ा है। बोरिंग की औपचारिकता होने के बाद निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ा। पेयजल की समस्या से जूझ रहे सरवनखेड़ा व आसपास के गांवों के लोगों को टंकी शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है।
अकबरपुर क्षेत्र के सरवनखेड़ा व अहिरानी शंकरपुर, कमला नगर, बिराहिनपुर, बाबूरामपुर, सिकंदरपुर, रंजीतपुर, मर्दनपुर, त्रिवेदिनपुर, देवीपुर आदि गांवों में होने वाली पेयजल की भीषण समस्या को देखते हुए पाइप पेयजल योजना के तहत टंकी निर्माण की हरी झंडी मिली थी। 17 मई 2015 को टंकी का शिलान्यास करा दिया।
बोरिंग का काम भी शुरू हो गया। बोरिंग के बाद से निर्माण कार्य ठप होने पड़ा है। गर्मी होने से पानी के लिए अब हाहाकार मचेगा। ग्रामीण अशोक शुक्ला, नरेश पांडेय, मुनीश बाजपेई, बाबू पांडेय, भोले सिंह, कमलेश मिश्रा आदि बताया कि गर्मी के मौसम में पानी की भीषण किल्लत होती है। पानी लाने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है। ग्रामीणों ने टंकी का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है।
हैंडपंपों से निकल रहा क्रोमयुक्त पानी- सरवनखेड़ा के प्रधान पुत्र गुलाब सिंह ने बताया कि कुल 250 इंडिया मार्का हैंडपंप लगे हैं। इनमे 70 प्रतिशत हैंडपंपों से क्रोमियम युक्त पानी निकलता है। शिकायत करने पर जांच करने लखनऊ से आई टीम ने पानी का सैंपल लिया था।
जांच में पानी के दूषित होने की बात रिपोर्ट आने पर शासन से पानी टंकी निर्माण की स्वीकृति मिली थी। दूषित पानी की जानकारी के बाद भी टंकी के निर्माण में हो रही देरी जल निगम, जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व लापरवाही जाहिर कर रही है।
इनकी भी सुनिए... - टंकी निर्माण के लिए शिकायत दर्ज कराई लेकिन हर बार बजट न होने की बात कहकर टरका दिया गया। टेंडर पास होने के बाद भी ठेकेदार निर्माण कार्य शुरू कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। सुमित्रा देवी, ग्राम प्रधान सरवनखेड़ा
- शासन से बजट नहीं रिलीज हो पा रहा है। इसके चलते सरवनखेड़ा में टंकी का निर्माण फंसा हुआ है। कई बार पत्र भेज चुका हूं लेकिन फिर भी कुछ नहीं हुआ। कमिशभननर साहब की मीटिंग में भी बता चुका हूं। एके श्रीवास्तव, अधिशाषी अभियंता जल निगम