इकलौते हैंडपंप पर पानी के लिए लगी भीड़
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बरौर विकासखंड मलासा के 1,200 आबादी वाले बरगवां गांव में लगे 18 हैंडपंपों में 17 खराब हैं। बचे सिर्फ एक हैंडपंप पर पानी के लिए 24 घंटे मारामारी रहती है। कई परिवार सबमर्सिबल पंप से पानी खरीदकर जरूरत पूरी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी से समस्या का समाधान कराने की मांग की है।
बरगवां निवासी रामप्रकाश, लालाराम, नन्हींदेवी, चंद्रकली, कमला, नारायण पाल ने बताया कि हालांकि बरौर में बनी पानी की टंकी से पाइप लाइन के जरिये उनके गांव को भी जोड़ा गया है, लेकिन उससे आधे गांव में ही पानी पहुंचता है। अब बंबे के बीच से गुजरी पाइप लाइन रिसने के कारण गंदा, बदबूदार पानी आ रहा है।
वहीं, अल्लू पाल के दरवाजे इकलौते चालू हैंडपंप पर ही एक-एक बाल्टी पानी के लिए मारामारी रहती है। जिन लोगों के घर इस हैंडपंप से दूर हैं, वे अपने मोहल्ले में लगे सबमर्सिबल पंप से 200 रुपये महीने देकर पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं। वहीं कई लोग करीब एक किलोमीटर दूर खेत में लगे बिरजू के नलकूप से पानी लाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली न आने पर सबमर्सिबल पंप और नलकूप भी नहीं चल पाते हैं, तब तमाम परिवार एक-एक बाल्टी पानी के लिए तरस जाते हैं। ग्राम प्रधान अंजनी कुमार का कहना है कि ज्यादातर हैंडपंप रीबोर के काबिल हैं। स्पष्ट आदेश न मिलने पर उनको ठीक कराने में आर्थिक जोखिम है। वहीं टंकी के ऑपरेटर राजकुमार शुक्ल ने कहा है कि पाइप लाइन रिसने की शिकायत नहीं मिली है, जांच कर उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
विधानसभा चुनाव के पहले बरगवां के पूर्व माध्यमिक विद्यालय और मजरा जगम्मनपुर के प्राथमिक विद्यालय में लगे हैंडपंप रीबोर कराए गए थे। उनके स्टीमेट भेजे गए हैं, जिनके स्वीकृत होने पर जल्द ही गांव के बाकी हैंडपंप ठीक करा दिये जाएंगे।- आरपी त्रिपाठी, सहायक विकास अधिकारी-पंचायत