जिले के नोडल अधिकारी सचिव एवं राहत आयुक्त ने तहसील पहुंचकर नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने तहसील के भूलेख कार्यालय के साथ अन्य पटलों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खामियों से संबंधित अभिलेखों की जांच एडीएम को सौंपते हुए जांच रिपोर्ट तलब की। वहीं तहसील भवन के निर्मित कक्षों में तहसील कार्यालय संचालन के भी निर्देश एसडीएम व तहसीलदार को दिए।
गुरुवार को शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी राहत आयुक्त अनिल कुमार डेरापुर तहसील पहुंचे। उनके साथ जिलाधिकारी रविकांत सिंह व एडीएम शिवशंकर गुप्ता भी मौजूद रहे। राहत आयुक्त ने सबसे पहले तहसील के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया। भवन निरीक्षण के बाद उन्होंने भूलेख कार्यालय से संबंधित अभिलेखों को देखा। राहत आयुक्त अभिलेखों के रखरखाव पर नाराज दिखे। उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली पट्टा आवंटन पत्रावली तलब की।
करीब 10 मिनट तक तहसील स्तरीय अधिकारी व कर्मचारी पत्रावली तलाश करते रहे। दोबारा पूछने पर वर्ष 2015 की पट्टा आवंटन की पत्रावली उनके सामने पेश की गई। इसे देखते ही उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने कहा कि पत्रावली में अब तक दखलनामा नहीं लगा और न ही फोटोग्राफ लगे हैं। कैसे माना जाए कि पट्टाधारक को पट्टे पर कब्जा दिलाया गया है। निरीक्षण में दिवस की शिकायत संख्या 60,75 व 102 पर निस्तारण में खामियां पाई।
उन्होंने एसडीएम से शिकायतों के निस्तारण के लिए शिकायतकर्ताओं से फोन पर जानकारी करने के बाबत पूछा। इस पर एसडीएम अमित राठौर ने बताया कि वह खुद मानीटरिंग करते हैं। इस पर नोडल अधिकारी ने कहा कि पांच सदस्यीय एक टीम बनाई जाए। जो तहसील दिवस की शिकायतों के निस्तारण की जानकारी वादकारी से करे। समय-समय पर एसडीएम भी शिकायतकर्ताओं से बात कर निस्तारण की जानकारी लें।
एसडीएम द्वारा गांव के हैंडपंपों के खराब होने की अभिलेखों में सूचना दर्ज करने के बाद से अब तक उनके मरम्मत कराए जाने के बारे में रिपोर्ट तलब की। जिसका वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जिसके चलते एडीएम प्रशासन को चिंहित की गई शिकायतों व अकारू गांव की पट्टा संबंधी पत्रावली जांचकर उनके कार्यालय रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी ने एसडीएम व तहसीलदार को निर्देश दिए कि नवनिर्मित भवन के जो कक्ष बनकर तैयार हो गए हैं। उनमें कार्यालय संचालित कराएं। जब पूर्ण रूप से भवन का निर्माण हो जाएगा तब हैंडओवर किया जाएगा। डेरापुर में निरीक्षण के बाद नोडल अधिकारी हसनापुर गांव रवाना हो गए।