बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के देवहा गांव में दो सिपाहियों को कुछ लोगों ने हथियार छीनने के बाद बंधक बना लिया। कमरे में बंद सिपाहियों ने वायरलेस से कोतवाली को सूचना दी। इस सूचना पर कई थानों से भारी संख्या में पुलिस फोर्स भेजी गई।
तब कहीं जाकर बंधक दोनों सिपाहियों को आजाद कराया जा सका। हालांकि इस दौरान भीड़ का फायदा उठाते हुए बंधक बनाने वाले फरार हो गए। कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
कोतवाली प्रभारी जीवाराम यादव ने बताया कि शनिवार सुबह देवहा गांव से शरीफ पुत्र बग्गा ने सूचना दी कि उसके पड़ोसी राधेश्याम गलत ढंग से निर्माण कार्य करा रहा है। इसका विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
इस सूचना पर कोतवाली से जेब्रा सिपाही सुभाष कुमार और मुकेश को देवहा गांव भेजा गया। इन दोनों सिपाहियों ने झगड़ा कर रहे राधेश्याम और उसके साथियों से शांत रहने को कहा।
इसी बात पर राधेश्यम आग बबूला हो उठा और अन्य साथियों के साथ उसने सिपाहियों पर हमला बोल दिया। इस बीच उसके कुछ साथियों ने दोनों के हथियार छीन लिए और एक कमरे में बंद कर दिया। कमरे में बंद सिपाहियों ने पूरे मामले की सूचना वायरलेस से कोतवाली को दी ।
जिसके बाद आनन-फानन में अरौल, मकनपुर और बिल्हौर कोतवाली का भारी फोर्स गांव पहुंचा और दोनों सिपाहियों को बंधन मुक्त कराया। सिपाहियों का मेडिकल कराने के बाद राधेश्याम और उसके साथियों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।