ब्लाक मलासा के प्रहलादपुर और शंकरपुर गांवों में बीमारी फैलने पर गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। टीम ने 16 मरीजों का इलाज किया। इस दौरान चार मरीजों के खून की जांच के लिए नमूने लिए गए।
जांच के दौरान किसी संक्रामक बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्यकर्मियों का कहना है कि गंदगी और जलभराव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। एएनएम को कीटनाशक रसायन का छिड़काव कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में रिपोर्ट एसडीएम को भेजी जाएगी।
देवीपुर सीएचसी के डा. विकास कुमार ने बताया कि गुरुगांव के मजरा प्रहलादपुर और हारामऊ के मजरा शंकरपुर मिले हुए हैं। दोनों मजरों में बंजारा समाज के लोग रहते हैं। वृद्धा गंगो देवी पहले से ही बीमार थी। बिटोला के एक वर्षीय पुत्र मनोज की नाभि में गांठ थी, जिसके कारण वह बीमार रहता था। गोविंद सिंह के तीन वर्षीय पुत्र राजू की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
वहीं सर्वेश के पुत्र राज (13), राजरानी (55), जयनारायण के पुत्र नीतेश (3), बड़े सिंह के पुत्र सियाराम (4), तनुज (6), महावीर (85), भोले सिंह के पुत्र गोपाल (3), लल्लू सिंह की पुत्री खुशबू (8), लाल सिंह के पुत्र अनुज (9), अच्छेलाल की पत्नी गीता देवी (40), रामकेश की पत्नी रीना (55), बड़े लालसिंह की पुत्री पूजा (13), सरोज (8), रवि की पुत्री काजल (3)) का इलाज किया गया।
बुखार से पीड़ित राज, महावीर, तनुज और अनुज के खून की जांच के लिए नमूने लिए गये। जांच रिपोर्ट के आधार पर इलाज किया जाएगा। अन्य मरीजों को वायरल फीवर है, उनको दवाइयां दी गई। टीम में फार्मासिस्ट अनिल कुमार, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राजकिशोर सचान, एएनएम निर्मला मिश्रा, कोल्डचैन प्रभारी मोहम्मद इसरार आदि शामिल रहे।