फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पॉलीथिन बंद होने से कुम्हारों के आएंगे अच्छे दिन

Sat, 23 Jan 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
किसी जमाने में शादी पार्टियों व अन्य कार्यक्रमों में प्रयुक्त होने वाले मिट्टी के बर्तनों, कुल्हड़ आदि को बनाने करने वालों के दिन बहुरने वाले हैं।
विज्ञापन


सरकार के पॉलीथिन बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने से मिट्टी बनाने वाले कुम्हारों को अच्छे दिनों की आस जाग गई है। पॉलीथिन बंद होने से इस प्राचीन हस्तशिल्प कला को संजीवनी मिली है।

शिवराजपुर क्षेत्र के सुघरदेवा, रौतापुर सहित कई गांवों में बड़े पैमाने पर मिट्टी के बर्तनों का निर्माण होता है। छोटे कार्यक्रमों से लेकर बड़े आयोजनों में पीने के पानी के लिये इन्ही लोगों द्वारा निर्मित हुंडों का इस्तेमाल किया जाता था।
विज्ञापन


सर्दियों में इन हुंडों में पीने वाली चाय का स्वाद ही अलग होता था। लेकिन, पिछले दशकों में धीरे धीरे प्लास्टिक से बने गिलासों के प्रचलन में आने पर हुंडों का चलन कम होता चला गया।
विज्ञापन


इसी कारण मिट्टी के बर्तन का व्यवसाय करने वाले लोगों में गरीबी छाती गई। कई लोगों ने इस पारंपरिक व्यापार को छोड़कर दूसरे धंधे कर लिए। सुघरदेवा गांव के रामबाबू व रौतापुर के प्रेमनारायण प्रजापति बताते हैं कि सरकार के आदेश से हम लोगों में उम्मीद जगी है।

कई लोगों ने यह भी आशंका जताई की यदि सरकार अपने कानून पर खरी न उतरी तो स्थित में कोई खासा बदलाव नहीं होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें