पुखरायां रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार की भोर में पटना-इंदौर एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बची। पेट्रोलमैन की सजगता से ट्रेन को टूटी पटरी के पहले ही रोक लिया गया। विदित हो कि 20 नवंबर की भोर में इंदौर-पटना एक्सप्रेस दुर्घटना को लोग अभी भूल नहीं पाए हैं।
मंगलवार की भोर 4 बजे पटना इंदौर एक्सप्रेस पुखरायां की ओर आ रही थी। गैंग नंबर-29 का पेट्रोल मैन हरेंद्र कुमार ट्रैक की जांच कर रहा था। दलेल नगर रेलवे क्रासिंग के लगभग डेढ़ सौ मीटर आगे बढ़ा तो पटरी के जोड़ के पास क्रेक दिखा। जांच करने पर पटरी टूटी दिखाई दी। उसने स्टेशन मास्टर को सूचना दी। तेज गति से आ रही पटना-इंदौर एक्सप्रेस को लाल लाइट दिखाकर टूटी पटरी के पहले ही रोक दिया गया।
ट्रेन खड़ी होने के बाद चालक को जानकारी दी। ईडब्लूआई पवनकुमार पहुंच गए। सुरक्षा के लिहाज से आरपीएफ के कर्मचारी भी पहुंच गए। जांच के बाद ट्रेन को 40 मिनट बाद 10 किलोमीटर की स्पीड से निकाला गया। सुबह होने पर ईडब्लूआई ने पटरी की मरम्मत का कार्य प्रारंभ करा दिया, जोकि शाम तक चलता रहा। लगभग 20 फिट पटरी काट कर निकाली गई, उसकी जगह दूसरी पटरी रखी गई। जबकि, सहायक स्टेशन मास्टर सुनीलकुमार ने बताया कि किसी ट्रेन को रोका नहीं गया। उनको 20 किलोमीटर की स्पीड से निकाला जाता रहा। हादसे के बाद सेरेल पथ की मरम्मत का कार्य निरंतर चल रहा है।
पटना-इंदौर एक्सप्रेस सुबह 4:40 बजे पुखरायां स्टेशन पर पहुंची थी। ट्रेन के खड़े होते ही सवारियों में अफरा-तफरी मच गई। जिसने भी पटरी टूटी होने की बात सुनी, वह यही कहने लगा भगवान ने बचा लिया। जिस कर्मचारी ने ट्रेन रुकवाई उसे लोग धन्यवाद कहते रहे।
मालूम हो पूर्व में हुई दुर्घटनास्थल से पटरी टूटने का स्थान करीब 200 मीटर ही दूर होगा। आज भी दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन का मलवा पड़ा है, जिसे देखकर लोग सिहर उठते हैं।
ट्रेनों से निकलने वाले यात्री मोबाइल वीडियो बनाते देखे जाते हैं। स्थान में थोड़ा अंतर रहा पहले दुर्घटना दलेलनगर गांव की रेलवे क्रासिंग पुखरायां छोर था। मंगलवार की भोर पहर दलेलनगर गांव की रेलवे क्रसिंग कानपुर छोर का था। जिसका कार्य आनन फानन में पूरा कराया गया। स्थानीय लोगों को पटरी टूटने की जानक ारी मिली तो देखने पहुंचने लगे। जिनका कहना था कि अब हादसा न हो। पुरानी घटना को अभी भुला नही पा रहे हैं।