पाक जेल में बंद भाइयों के लिए राखी भेजती बहनें।
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पाकिस्तान की मलीर लांदी जेल में बंद मोहम्मदपुर गांव के मछुआरों की रिहाई की उम्मीद अभी कम दिखाई देती है।
शुक्रवार को मछुआरों की बहनों ने उनको पाक जेल में राखी भेजी है। बीते वर्ष 15 अक्तूबर को गुजरात के ओखा समुद्री तट पर मछली पकड़ने गए 27 मछुआरों को पाक सैनिक बंधक बनाकर ले गए थे। तीन युवक संजय कुरील, रविशंकर और जयचंद्र गौड़ मोहम्मदपुर (नर्वल) गांव के हैं। तीनों पाकिस्तान की मलीर लांदी जेल में कैद हैं।
ईद के त्योहार पर उनके परिजनों को रिहाई की धुंधली सी आस बंधी थी। युवकों को जेल से रिहा नहीं किया गया। वह 14 अगस्त की राह ताक रहे हैं। उधर से कोई पत्र न आने से मायूस हैं। इधर, रक्षाबंधन त्योहार पर तीनों युवकों की बहनें गमगीन हैं कि भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पाएंगी। बताते चलें कि संजय कुरील की छह बहनें हैं जिनमें दो का विवाह हो चुका है।
वहीं रविशंकर के भी पांच बहनें हैं और उनकी शादियां हो गई हैं। जबकि, जयचंद्र के कोई बहन नहीं है। गुरुवार को संजय कुरील की बहनें रूबी, सपना, काजल और अंजू राखियां लेकर आई थीं। पाक जेल के पते पर पोस्ट करने के लिए लिफाफे में बंद कर रही थीं। वह पड़ोसी कसबा जहानाबाद (फतेहपुर) से स्पीड पोस्ट के जरिए अपने भाइयों को पाक जेल में राखी भेजने जा रही हैं। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि उनकी भेजी राखियां वहां जरूर पहुंचेंगी।