बेंदागांव में मतदान प्रतिशत कम होने से खाली बैठे मतदान कर्मी।
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जिला पंचायत सदस्य चौबेपुर (घाटमपुर) में हुए उपचुनाव में वोट डालने के लिए मतदाताओं में जोश नहीं दिखा। गुरुवार की सुबह 7 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक मात्र 29.51 फीसदी लोगों ने ही वोट डाले। मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी जबकि, अधिकारी भी क्षेत्र के भ्रमण पर रहे। शाम को मतपेटियां ब्लाक मुख्यालय में बनाए गए स्ट्रांग रूम में जमा कराई गईं। शनिवार 24 फरवरी को मतों की गिनती और परिणाम की घोषणा की जानी है।
जिला पंचायत सीट में कुल 23 ग्राम पंचायतें हैं। जिसके लिए कुल 40 मतदान केंद्र और 63 बूथ बनाए गए थे। चुनाव मैदान में कुल चार प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला 36091 मतदाताओं को करना था। लेकिन, गुरुवार को हुए मतदान में सिर्फ 10650 लोगों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। निर्वाचन अधिकारी एडीएम (नागरिक आपूर्ति) चित्रलेखा ने बताया कि मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
इधर, गुरुवार को जिला पंचायत सीट पर हुए उप चुनाव के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय सिंह, एसपी ग्रामीण जयप्रकाश सिंह, एसडीएम संजय कुमार, सीओ आरके चतुर्वेदी और कोतवाल देवेंद्र कुमार दुबे लाव-लश्कर के साथ क्षेत्र के भ्रमण पर रहे। वहीं नवेड़ी, रेउना, श्रीनगर और कोटरा-मकरंदपुर मार्गों के नुक्कड़ पर पुलिस का पहरा बिठाकर आने-जाने वाले वाहनों की चेकिंग भी की गई।
वोटर लिस्ट और पहचानपत्र में अलग-अलग नाम होने के चलते तमाम लोग वोट डालने से वंचित रह गए। बेंदा गांव के मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंची शिववती ने बताया कि मतदाता सूची में उसका गलत नाम मीरा देवी छपकर आ जाने से वह वोट डालने से वंचित रह गई।
विकास खंड की तिवारीपुर गांव पंचायत में प्रधान पद के लिए गुरुवार को हुए मतदान में कुल 58.28 फीसदी लोगों ने मताधिकार का प्रयोग किया। यह सीट ग्राम प्रधान की बीमारी से मौत हो जाने के बाद रिक्त हुई थी। चुनाव मैदान में कुल तीन प्रत्याशी हैं जिनके भाग्य का फैसला मतपेटियों में बंद हो गया है, 24 फरवरी को ब्लाक मुख्यालय पर मतगणना होनी है। तिवारीपुर ग्राम पंचायत में पड़ोसी गांव मलखानपुर भी जुड़ा हुआ है। दोनों गांवों को मिलाकर कुल मतदाता संख्या 2058 है। जिसमें 1185 लोगों ने ही वोट डाले। चुनाव अधिकारी डा.अमरेश कुमार ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।