राज्य पोषण मिशन के तहत ग्राम प्रधानों का प्रशिक्षण केवल कागजी खानापूरी तक सीमित रहा। इसमें 74 प्रधानों को आना था लेकिन करीब डेढ़ दर्जन प्रधान ही आए। प्रधानों का कहना है कि कार्यक्रम की सूचना समय से नहीं मिली, जिससे वे इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में नहीं पहुंच सके।
मैथा ब्लाक में राज्य पोषण मिशन कार्यशाला में शामिल होने पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। साथ ही पौधरोपण व स्वच्छता को बढ़ावा देने को कहा।
मदारपुर के ग्राम प्रधान रामचंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पोषण मिशन के तहत आने वाली पंजीरी खुले बाजार में बिक जाती है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर मानकों के अनुरूप पंजीरी नहीं बांटी जाती है। मांडा ग्रामसभा के प्रधान राजेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वह ब्लाक से चंद कदम की दूरी पर रहते हैं। इसके बावजूद इस प्रशिक्षण की जानकारी नहीं दी गई। इधर से गुजरते वक्त नजर पड़ी तो वह कार्यक्रम में शामिल होने अपने आप आ गए।
एडीओ पंचायत अवधेश पांडेय ने बताया कि सूचना सभी को भेजी गई थी। हो सकता है कि कुछ लोगों को सूचना न मिल पाई हो। इस मौके पर एसडीएम मैथा विनीता सिंह, प्रभारी सीडीपीओ कौशल्या देवी, बीडीओ तुलिका श्रीवास्तव, डा. राजीव शेखर, जनार्दन यादव, बलवान सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।