जिले के प्राचीन औनहां तालाब को पुराना स्वरूप दिलाने की मुहिम को लेकर सबल अन्नदाता समूह से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता व ग्रामीण बुधवार को श्रमदान शुरू किया। करीब ढाई सैकड़ा सामाजिक कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों ने गंगा जल को हाथ में लेकर तालाब को बचाने का संकल्प लिया। इसके बाद फावड़ा व तसला लेकर मिट्टी खुदाई में जुट गए। तालाब के पानी को रोकने के लिए बनाए गए एक बंधे को तोड़कर सांकेतिक रूप से आंदोलन को गति दी।
सबल अन्नदाता समूह से जुड़े प्रो. सर्वेश प्रताप सिंह, उमाकांत मिश्र, गणेश तिवारी, राजन, मनोज गोयल, डा. साधना सिंह, शशि माथुर आदि कानपुर से बुधवार को औनहां श्रमदान सेवा के लिए पहुंचे। यहीं पर इंडिया वाटर समूह के अनिल सिंदूर ने वर्तमान समय में जल संरक्षण के महत्व को ग्रामीणों को बताया। डा. साधना सिंह ने पानी के अभाव में महिलाओं को हो रही परेशानियों और बीमारियों पर प्रकाश डालकर जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
प्रो. सर्वेश प्रताप सिंह ने बताया कि तालाब बचाने के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रशासन को एक सप्ताह का समय दिया गया है। इस दौरान तालाब सीमांकन करा दिया जाएगा। ऐसा न होने पर वह लोग मंडलायुक्त कानपुर से मिलकर 10 बीघा तालाब को सामाजिक संगठनों के सहयोग से श्रमदान के जरिए खुदवाकर गहरा करेंगे। साथ ही तालाब को मत्स्य पालन के लिए दिए गए पट्टों का निरस्तीकरण कराने के लिए लड़ाई भी शुरू करेंगे। श्रमदान के दौरान प्रधान वीरेंद्र तिवारी, आशुतोष त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।