कलक्ट्रेट में हड़ताल के दौरान धरना पर बैठे लेखपाल।
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लेखपालों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। कलक्ट्रेट में इकट्ठा हुए जिले की सभी तहसीलों के लेखपालों ने प्रशासन व शासन द्वारा नोटिसे भेजने के विरोध में नारेबाजी की गई। साथ ही शासन के हड़ताल को निषेध कर कर्मचारियों पर दमनात्मक रवैया अपना रही है।
जिलाध्यक्ष विकास सचान, महामंत्री बृजेश दीक्षित ने कहा कि लेखपालों के हकों की आवाज को सरकार दबाना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं होगा। किसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से लेखपाल डरने वाले नहीं हैं। इस बार आरपार का आंदोलन है। जायज मांगें मानने में सरकार के स्तर से हो रही देरी निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि लेखपालों की हड़ताल से जनता को होने वाली परेशानी शासन की देन है। कई बार मांग करने के बावजूद सुनवाई न होने पर लेखपाल हड़ताल पर उतरे हैं। इस दौरान जिले भर के लेखपाल मौजूद रहे।
उधर लेखपालों की हड़ताल के कारण तहसील दिवसों में आने वाली राजस्व विभाग संबंधी शिकायतों का निस्तारण अटक गया है। विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्र बनवाने का काम भी बंद है। तहसीलों में अधिवक्ताओं के बस्तों पर भी लेखपालों की हड़ताल का प्रतिकूल असर पड़ रहा है।