चौबेपुर औद्योगिक कस्बे की सभी बैंकों में रोजाना लाखों रुपये का लेन-देन होने के बाद जिला प्रशासन सुरक्षा के प्रति संजीदा नहीं है। शाम ढलते ही एटीएम के लिए लगे सुरक्षा कर्मी शटर गिराकर नदारद हो जाते हैं। जिससे कभी भी बदमाश बैंकों और एटीएम बूथ को अपना निशाना बना सकते हैं।
कस्बा स्थित आधा दर्जन से अधिक विभिन्न बैंकों की व्यवस्था भगवान भरोसे ही है। पूर्व में हो चुकी कई घटनाओं के बाद भी बैंक अधिकारी सुरक्षा के प्रति गंभीरता नहीं है और न ही थाना पुलिस इस ओर कोई ध्यान दे रहा। सर्दी में बढ़ी चोरों की चहलकदमी से लोगों की नींद उड़ी है।
मालूम हो कि कस्बे में एसबीआई, बीओबी, सीबीआई और ओरियंटल बैंक, यूको बैंक, ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक और ग्राम्य विकास बैंक की शाखाएं हैं। औद्योगिक एवं व्यवसायिक क्षेत्र होने के कारण प्राय: सभी बैंकों में बड़े पैमाने में धन का लेन देन होता है।
दिन में कार्य अवधि के दौरान सेंट्रल बैंक आफ इंडिया को छोड़कर किसी भी बैंक शाखा में सुरक्षा गार्ड तक की व्यवस्था नहीं है। रात के समय बैंकों की सुरक्षा रामभरोसे है।
विदित हो कि पूर्व में कई बड़ी घटनाओं के बाद भी पुलिस ने कोई सबक नहीं लिया। बीते सालों में जीटी रोड स्थित एक भवन की दूसरी मंजिल में स्थित जिला सहकारी बैंक के मुख्य गेट का दरवाजा एवं कैश रूम का दरवाजा तोड़ तिजोरी उठा ले गए थे। ग्राम्य विकास बैंक में चोरों ने लाकर का ताला तोड़ डाला था।
ग्रामीणों के शोर मचा देने पर भागे बदमाशों की पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। कुछ दिनों पहले लोहिया फैक्ट्री के सामने बैंक आफ बड़ौदा के बाहर रखे जेनरेटर के कीमती पार्ट्स चोरों ने खोल लिए थे।
सोमवार की रात चोरों ने जिला सहकारी बैंक के ठीक बगल स्थित एक किनारे की थोक दुकान की तीसरी मंजिल पर चढ़ रोशन दान का लोहे का जाल काट डाला था। लेकिन पुलिस ने जांच कर मामला जरूरी नहीं समझा।
लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं से दहशतजदा लोगों ने गश्त बढ़ाने की मांग पुलिस अधिकारियों से की है।