कोतवाली क्षेत्र के मखौली गांव में सात वर्षीय बालक की उसके पड़ोसी ने धारदार हथियार से गर्दन काटकर हत्या कर दी। आरोपी ने बालक के शव को एक बक्से में भरकर घर के कमरे में छिपा दिया। शक होने पर जब गांववालों ने आरोपी को पकड़ा तो मामले का खुलासा हुआ। आरोपी ने बताया कि कुकर्म में असफल होने पर उसने बच्चे की हत्या कर दी। एसपी ग्रामीण जयप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्चे से कुकर्म होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। फोरेंसिक टीम ने मौके से एक कुल्हाड़ी, चाकू और आरोपी के रक्तरंजित कपड़े बरामद किए हैं।
मखौली गांव निवासी शिवबरन संखवार ने बताया कि उसका पुत्र मिलन संखवार (7) बीते सोमवार की शाम करीब 7 बजे घर से आईसक्रीम लेने के लिए निकला था। काफी देर तक जब वह वापस घर नहीं लौटा तो रात में तलाश शुरू की गई, लेकिन वह नहीं मिला। मंगलवार की दोपहर कोतवाली में शिवबरन की तहरीर पर बच्चे की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया गया। इधर, शिवबरन कोतवाली में गुमशुदगी लिखवा रहा था तभी, सूचना मिली कि बच्चे का शव उसके पड़ोसी अक्षय कुमार कोरी (20) के मकान में मिल गया है। मिलन की हत्या कर लाश को बक्से में छिपाकर रखा गया था। गांववालों ने आरोपी अक्षय कोरी को पकड़ने के साथ पुलिस को सूचना दी।
हत्याकांड की जानकारी होते ही कोतवाल देवेंद्र कुमार दुबे और सीओ आरके चतुर्वेदी गांव पहुंचे और ग्रामीणों के गिरफ्त से आरोपी को अपने कब्जे में लिया। एसपी ग्रामीण ने बताया कि पूछताछ में आरोपी अक्षय कोरी ने बच्चे से दुष्कर्म करने की बात से इंकार किया है। कहा कि वह बच्चे को बुरी नियत से अपने घर के भीतर ले गया था लेकिन, उसके चीखने-चिल्लाने पर डर के मारे उसकी हत्या कर दी। बताया कि वह लाश को ठिकाने लगाने के चक्कर में था लेकिन, मौका ही नहीं मिला। बताया कि गुमशुदगी की रिपोर्ट में हत्या और पाक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई जाएंगी।