घाटमपुर एसटीएफ लखनऊ की टीम ने सोमवार को जहानाबाद रोड पर एक ट्रक से 103 किलोग्राम कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) बरामद की है। इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये कीमत बताई गई है।
एक किलोग्राम कैलिपी के लिए औसतन 50 से 70 कछुओं को मारा जाता है। टीम ने तस्कर और ट्रक के चालक को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एसटीएफ लखनऊ यूनिट के प्रभारी निरीक्षक राजेश चंद्र त्रिपाठी की अगुवाई में टीम ने दोपहर 12:30 बजे जहानाबाद रोड पर स्थित रेलवे क्रासिंग के निकट ट्रक को रोका।
टीम ने तलाशी में ट्रक के टूल बाक्स में रखी पांच बोरियां और दो बैगों में कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) बरामद हुई है। टीम ने बिहार के जयपुर डोला, गया निवासी ट्रक चालक राजेश यादव और भोगांव, मैनपुरी निवासी कछुआ तस्कर तिलक राज सिंह को दबोच लिया। एसटीएफ अफसरों के मुताबिक तिलक राज ने बताया है कि वह कैलिपी को बकेवर, इटावा से मालदा, पश्चिम बंगाल लेकर जा रहा था।
वह स्थानीय स्तर पर पांच हजार रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कैलिपी खरीदता था। चंबल, यमुना और सेंगुर नदियों से स्थानीय शिकारी कछुओं का शिकार कर उनकी कैलिपी तैयार कर बेचते हैं।
वहीं, ट्रक चालक ने बताया कि बकेवर से मालदा तक माल पहुंचाने के लिए उसे चार हजार रुपये भाड़ा मिलना था। कछुआ पकड़ने के बाद उनको मार देते हैं। इसके कछुओं को काटकर खाल और मांस निकालते हैं। कछुआ की खाल पकाने के बाद सुखाते हैं। यही कैलिपी कहलाती है।