घाटमपुर/पतारा/भीतरगांव। शनिवार को नागपंचमी का त्योहार मनाया गया। सुबह गांवों के बाहर कपड़े की गुड़िया पीटी गईं। दोपहर बाद दंगल और खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं। कोरोना की बंदिश और बंदी के बावजूद आयोजन स्थलों पर भीड़ रही। इस मौके पर पेड़ों पर झूले भी पड़े।
कूष्मांडा देवी मंदिर परिसर, सदर बाजार, बाबा मंदिर रोड, नगर पालिका रोड और रेलवे स्टेशन रोड सहित कई स्थानों पर गुड़िया पीटी गईं। किशोरियों ने कपड़े की रंग-बिरंगी गुड़िया बनाकर डालीं। इनको युवकों और बच्चों ने ढाक, बेर और गन्ने के झाड़ों से पीटा। इसके बाद युवकों ने जलाशयों में स्नान किया। बालिकाओं ने जंगल में जाकर दूब चुनी। मान्यता है कि दूब चुनकर किशोरियां अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना करती हैं।
इधर, शाम को गांवों में परंपरागत दंगल हुए। पतारा के बरनांव गांव में लंबीकूद प्रतियोगिता में उमंग कछवाह को प्रथम स्थान मिला। नंदना, बलहापारा, जहांगीराबाद, तेजपुर, रेउना, किवड़िया, चतुरीपुर, पड़री-लालपुर, रतनपुर, तरगांव, हिरनी, तिलसड़ा, पतरसा, चंवर, स्योंढ़ारी और बरौली सहित अन्य गांवों में भी ग्रामीण युवाओं की खेलकूद प्रतियोगिताएं हुईं।
सजेती, बरीपाल, कोरियां, सांखाहारी, बरीमहतैन, नौरंगा, भदवारा, कुवांखेड़ा, मऊनखत, बीरबल का अकबरपुर, टिकवांपुर और मैधरी गावों में भी नागपंचमी का त्योहार मनाया गया। भीतरगांव क्षेत्र के बिरसिंंहपुर, तिवारीपुर, पासीखेड़ा, उमरी, बौहार, मड़ेपुर, करचुलीपुर, साढ़, पालपुर, अमौर, कुड़नी, पसेमा, बेंहटा-बुजुर्ग और बिरहर सहित अन्य गांवों में नागपंचमी का त्योहार मनाया गया। कई गांवों में आल्हा गायन भी हुआ।