बारावफात के मौके पर जुलूस ए मोहम्मदी धूम-धड़ाके के साथ निकाला गया। रास्ते में जगह-जगह जुलूस का स्वागत किया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।
जुलूस में शामिल विभिन्न अंजुमन कमेटियों के प्रमुख अपने-अपने जुलूसों के साथ दोपहर बाद कसबे के बगिया मैदान (शेखवाड़ा) में इकट्ठे हुए।
इसके बाद वहां से जुलूस रवाना किया गया जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ बस्ती बाजार के पास से वापस फिर वहीं पहुंचा। जहां शाम को समापन किया गया।
जुलूस में वाहनों की भारी संख्या और भीड़ के चलते गलियों में घंटों जाम लगा रहा। इस दौरान कसबे के प्रमुख खलीफाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हम आपस में भेदभाव को भुलाकर खुुदा के बताए नेक रास्ते पर चलें। यही बारावफात के त्योहार का संदेश है।
जुलूस ए मोहम्मदी में सदर साबू कुरैशी, मौलाना लियाकत हुसेन, छिद्दू खलीफा, मंजूर अंसारी, इस्लाम कुरैशी, मौलाना के आसिफ और कमर अंसारी सहित अन्य प्रमुख लोगों ने अंजुमनों की अगुवाई की।
कसबे के मुगल रोड पर आम आदमी पार्टी की ओर से स्टाल लगाकर जुलूस ए मोहम्मदी में शामिल लोगों का स्वागत किया गया। जुलूस के दौरान एसडीएम कमलेश चंद्र बाजपेई, सीओ कृष्ण कुमार और थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह पर्याप्त पुलिस बल के साथ व्यवस्था में मुस्तैद दिखे।
पतारा समाचार प्रतिनिधि के अनुसार विकास खंड के कसबा जहांगीराबाद और लालपुर में मोहम्मद साहब के जन्मदिवस पर निकाले जाने वाले जुलूस की चहल-पहल रही।