रविवार की देर शाम हथियारों से लैस लोगों ने रंगदारी को लेकर समुही मौरंग खदान पर धावा बोला और कर्मचारियों से मारपीट की। आरोप है कि हवाई फायरिंग भी की गई। खदान के प्रबंधक ने ग्यारह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही एक राइफल, एक रिवाल्वर और दो वाहन बरामद किए हैं।
पंचमढ़ी जिला होशंगाबाद (मध्य प्रदेश) निवासी रवींद्र सिंह ने बताया कि वह समुही (सजेती) की मौरंग खदान में गुरुदयाल फर्म का प्रबंधक है। बताया कि पड़ोसी गांव दपसौरा (फतेहपुर) के सज्जन दुबे और उनके लोग खदान चलाने के नाम पर रंगदारी मांगते हैं। बताया कि रविवार की देर शाम करीब 8 बजे सज्जन दुबे, उनका पुत्र भोलू दुबे और दपसौरा, थाना चांदपुर (फतेहपुर) के ग्राम प्रधान रमेश केवट के साथ भटपुरवा गांव निवासी रघुनंदन प्रजापति, सिरसा (सजेती) निवासी राहुल शुक्ला, अनैसी का डेरा (समुही) के अलावा चार अन्य (कुल ग्यारह) लोग हथियारों से लैस होकर खदान के दफ्तर में आए।
बताया कि उन्होंने आते ही खदान प्रबंधक के बारे में पूछा और गाली-गलौज की। विरोध करने पर वहां मौजूद कर्मचारियों से मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने खदान के कार्यालय में घुसकर वहां रखा फर्नीचर और अन्य सामान भी तोड़ डाला। विरोध करने पर असलहों से कई राउंड हवाई फायरिंग भी की। यह देख कर्मचारी जान बचाने के लिए वहां से भाग खड़े हुए।
आरोप है कि सज्जन दुबे और उनके साथी खदान से प्रति सप्ताह एक लाख रुपये की रंगदारी मांग रहे थे।
मौरंग खदान पर कर्मचारियों के साथ मारपीट और फायरिंग होने की सूचना पर सजेती पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों के निर्देश पर घाटमपुर सर्किल की पुलिस बल और पावर प्लांट से पीएसी को भी मौके पर बुलवा लिया गया। पुलिस ने घेराबंदी कर सज्जन दुबे और दपसौरा के ग्राम प्रधान रमेश केवट, सिरसा गांव निवासी राहुल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, अन्य लोग अंधेरे में भाग निकले।
सजेती थानाध्यक्ष लोकेंद्र पाल सिंह ने बताया कि खदान प्रबंधक रवींद्र सिंह की तहरीर पर सज्जन दुबे समेत कुल 11 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही एक राइफल, एक रिवाल्वर, एक कार और एक बोलेरो को भी बरामद कर कब्जे में लिया गया है। बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जी रही है।