जिले में खनन माफिया सक्रिय हो गए हैं। खनन करने का तरीका ही बदल दिया है। डीएम कार्यालय से परमीशन कुछ हिस्से की लेकर अंधाधुंध खनन किए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। रनियां के एक किसान ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि उसके निजी खेतों से रात में मिट्टी खोद ली गई। मामले में अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अकबरपुर तहसील क्षेत्र के जरिहा गांव निवासी बब्लू पुत्र रामस्वरूप ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उसकी जमीन ग्राम रनियां में गाटा संख्या 1079 में हैं। बीते दिन कामदिगिरी कांस्ट्रक्शन के शैलेंद्र सिंह निवासी रनियां, हरीओम निवासी बिलसरायां, पिंटू यादव निवासी खानचद्रंपुर और रामनरेश यादव निवासी रनियां थाना अकबरपुर आदि लोगों ने रात में जेसीबी लगाकर उसके खेतों से मिट्टी का खनन कर लिया।
सुबह जब उन लोगों से विरोध जताया गया तो मारपीट की धमकी दी। किसान की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच के लिए एसडीएम अकबरपुर को निर्देशित किया। मामले की जांच के लिए स्थानीय लेखपाल नरेंद्र शुक्ला को मौके पर भेजा गया। लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में भी किसान की जमीन से खनन कि ए जाने की बात कही है। इस संबंध में एडीएम वित्त एवं राजस्व अमर सिंह पाल ने बताया कि शिकायत आई है। इसकी जांच के लिए कहा गया है। शिकायत सही मिलने पर खनन की अनुमति निरस्त की जाएगी।
एडीएम वित्त कार्यालय से 15 मार्च 2017 को कामदिगिरी कांस्ट्रक्शन कंपनी को 842, 944, 948 में खनन करने की अनुमति दी गई। उक्त जमीन में 8790 घन मीटर खनन करने का परमिट दिया गया। इन लोगों ने बचाव करने के लिए किसान की 1079 गाटा की भी मिट्टी खोदकर ठिकाने लगा दिया। जब सुबह किसान खेत पर पहुंचा तो उसके खेत उजड़े मिले।
खनन माफिया और खनन कार्यालय की मिलीभगत से राजस्व को तगड़ा चूना लगाया जा रहा है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक कामदगिरी संस्था को खनन का जो परमिट किया गया है उसके के तहत करीब 700 गाड़ी मिट्टी निकाली जानी चाहिए लेकिन एक हजार से ऊपर गाड़ी मिट्टी खनन का किया गया है।