जले खेतों में बिखरी पड़ी गेहूं की बालियां।
मैथा ब्लाक के लालपुर, जोरावरपुर, बिड़ाहरा, बलुआपुर के अलावा बैरी असई में सोमवार की दोपहर आग लग गई थी। मैथा तहसील प्रशासन ने आग से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों व मंडी समिति को भेजी गई है। इन गांवों में 16 लाख रुपये की गेहूं की फसल जलने का अनुमान तहसील प्रशासन ने लगाया है। 122 बीघा गेहूं की फसल जलने की रिपोर्ट सोमवार की देररात तैयार की गई थी।
कानूनगो सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बलुआपुर, लालपुर, बिड़ाहरा, जोरावरपुर में 99 किसानों की 114 बीघा व बैरी असई में 11 किसानों की आठ बीघा गेहूं की फसल जल गई थी। बैरी असई में दो घर जले थे। बलुआपुर मौजा के चार गांवों के किसानों की 15 लाख 17 हजार 8 सौ नुकसान का आकलन किया गया है। बैरी असई के ग्यारह किसानों को 1 लाख 4 हजार रुपये के नुकसान का आकलन किया गया। रिपोर्ट किसानों को सहायता दिलाने के लिए मंडी समिति भेजी गई है।
आग की चपेट में आए किसानों के आंखों में आंसू जली फसल को देखकर निकल रहे हैं। जिला पंचायत सदस्य नीरज सिंह ने किसानों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। भाजयुमो कानपुर परिक्षेत्र के सह प्रवक्ता राघवेंद्र सिंह ने किसानों को सहायता राशि दिलाने की मांग की है।