घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र में प्रधानी चुनाव की रंजिश में लगातार दूसरे दिन दूसरी हत्या हो गई। 12 जनवरी को कोतवाली के पालपुर किरावं गांव के खेत में महिला बसंती की गोली मारकर हत्या हुई थी और 13 जनवरी की रात हिरनी गांव में एक युवक की कुल्हाड़ी और लाठी से हमला कर हत्या कर दी गई।
परिजनों ने पुलिस पर एफआईआर में गड़बड़ी का आरोप लगाकर घंटों शव नहीं उठने दिया। पिता का आरोप है कि पुलिस ने मन मुताबिक तहरीर लिखकर उसका अंगूठा लगवा लिया। एसपी (ग्रामीण) सुरेेंद्रनाथ तिवारी और सीओ कृष्णकुमार ने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया।
हिरनी गांव निवासी केदार पाल ने बताया कि उसका पुत्र जगराम पाल (35) ट्रक चालक था। बुधवार रात उसे गांव के ही कुछ लोग बुलाकर परिषदीय विद्यालय के पास ले गए। वहां सबने शराब पी।
इसके बाद जगराम पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जगराम शोर मचाते हुए अपने घर की ओर भागा लेकिन हमलावरों ने दौड़ाकर रास्ते में उसे कुल्हाड़ी से मरणासन्न कर दिया। बाद में परिजन उसे कानपुर ले जाने लगे लेकिन रास्ते में मौत हो गई।
बताया गया कि हिरनी गांव पंचायत में प्रधान सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी। इसमें राघवेंद्र सिंह की पत्नी ज्योति सिंह चुनाव जीतकर प्रधान बन गई। जबकि, चुनाव लड़ीं रजेपाल हार गईं। जगराम ने रजेपाल को लड़ाया था। हारने के बाद से जब भी जगराम अपने घर आता था तो शराब पीने के बाद दूसरे पक्ष को गाली-गलौज करता था।
बुधवार शाम भी उसने दसरे पक्ष पर अभद्र टिप्पणियां की थीं। इसी के बाद रात में उसकी हत्या कर दी गई। दूसरी ओर, पुलिस ने आनन-फानन जगराम के पिता केदार से तहरीर लेकर बद्री सिंह और उसके भाई उदय सिंह और शमसेर सिंह पर रिपोर्ट दर्ज कर ली और रात में ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गुरुवार सुबह जब शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाने लगा तो गांव के लोग भड़क उठे। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि जगराम की हत्या में चार और लोग शामिल थे, उन पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि घटना नशेबाजी और गाली-गलौज होने के बाद हुई है।