एतिहासिक मेला मकनपुर में सजे मदार साहब के जश्न के दौरान हजारों की संख्या में दूर-दूर से जायरीनों के जत्थों का आना रविवार को भी लगातार जारी रहा।
ट्रेन, बस, कार, लोडर, टेंपों, तांगा और बाइकों से बड़ी संख्या में अब भी जायरीनों को मकनपुर पहुंचना जारी है। शनिवार की रात जिला प्रशासन और मेला कमेटी की ओर से मेला क्षेत्र में विख्यात कवियों के द्वारा विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया गया।
रविवार को मकनपुर मेला में जायरीनों, दर्शकों की भारी भीड़ रही। युवाओं ने मदार की दर पर माथा टेकर जहां दुआ की वहीं मेला घूम कर घूम मस्ती भी की। युवतियों ने झूलाझूलकर और चाट-चाउमीन सहित विविध खाद्य आइटम खाकर खुशियां मनाईं।
पुश क्रेता-विक्रेता भी दिनभर अपने काम में बिजी दिखे। मेला सचिव और बिल्हौर तहसीलदार ब्यास नारायण उमराव ने बताया कि मेला क्षेत्र में वसंत पंचमी के सापेक्ष रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण भारी संख्या में जायरीन उमड़े। अधिक से अधिक लोगों के आने के कारण मकनपुर आने वाली सभी सड़कों पर भी वाहनों की रेले लगे रहे।
शनिवार की रात आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने शमा बांधकर दर्शकों को खूब लुभाया। वहीं मेला कमेटी की ओर से मदार साहब के भवन को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया। जायरीनों ने मदार साहब की दर पर पहुंचकर विधि-विधान से रश्म अदायगी की।