बिल्हौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवन रक्षक इंजेक्शन तीमारदारों की नर्स व स्टाफ कर्मियों से विवाद के बाद बाहर फेंके गए थे।
तहसीलदार की जांच में बात पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। गुरुवार को जांच में यह भी पता चला है कि औषधि भंडार से दवा लेने के बाद स्टाफ नर्स व अन्य कर्मी लापरवाही से दवा व इंजेक्शन को जहां की तहां छोड़ देते हैं।
बता दें कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर कीमती इंजेक्शन और दवाएं तहसीलदार को पड़े मिले थे। तहसीलदार ब्यास नारायण उमराव ने कार्रवाई शुरू की थी। गुरुवार को तहसीलदार ने बताया कि औषधि भंडार का सारा स्टाक सही पाया गया है, पर बुधवार सुबह प्रसूताओं के प्रसव के बाद चिकित्सकीय स्टाफ का तीमारदारों से विवाद हो गया था। विवाद के कारण स्टाफ नर्स ने सारी दवाएं इधर-उधर रख दी।
लेबर रूम की सफाई के लिए पहुंचे सफाई कर्मी ने सभी इजेक् शनों और दवाओं को कूड़ा समझ बाहर फेंक दिया। उधर सीएचसी प्रभारी डा अरविंद भूषण ने बताया कि सफाईकर्मियों को दवा आदि की कोई जानकारी नहीं होती। लापरवाही से सारी दवाएं बाहर फेंकी गईं। अभी मामले की जांच जारी है सीएमओ साहब का निर्देश है कि दोषी के विरुद्ध कार्रवाई जरूर की जाए।