हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में गुरुवार को सभी परीक्षा केंद्रों पर सख्ती का माहौल दिखा। मुख्य गेटों पर तलाशी के बाद छात्र/छात्राओं को अंदर जाने दिया गया।
जबकि, परीक्षा कक्षों के बाहर उनके जूते-चप्पल और बेल्ट भी उतरवाकर रखवा दिए गए। वहीं, पहले दिन इलाके में सचल दल नहीं दिखे।
कसबे के श्री गांधी विद्यापीठ, जनता इंटर कालेज, सूर्या पब्लिक स्कूल और इस्लामियां इंटर कालेज के अलावा पतारा, भीतरगांव, साढ़, कुड़नी, कोरियां, घुघुवा, रेउना, गिरसी, चंवर, कुवांखेड़ा, भदवारा, रवाईपुर, नौरंगा, मुरलीपुर, करचुलीपुर, मथुरापुर, दुरौली, दहेली, रामसारी, सजेती, धरमंगदपुर, इटर्रा और गूजा सहित सभी परीक्षा केंद्रों में ऊपरी तौर पर सख्ती का माहौल दिखाई दिया।
पहले दिन सुबह पाली में हाईस्कूल और सायं पाली में इंटरमीडिएट का हिंदी का पेपर हुआ।
एसडीएम और तहसीलदार के शहर में मीटिंग पर जाने के चलते जहां स्थानीय स्तर पर सचल दल नहीं निकले। वहीं जिला स्तर भी शिक्षा विभाग के सचल दल परीक्षा केंद्रों की निगरानी करते नजर नहीं आए।
बोर्ड के निर्देशानुसार कई परीक्षा केंद्रों में कमरों के भीतर लगे श्याम पटों को रद्दी कागज अथवा मिट्टी के मोटे लेप से नहीं ढकवाया गया है। कसबे के इस्लामियां इंटर कालेज में सायं पाली की परीक्षा में सभी कमरों के ब्लैक बोर्ड खुले हुए थे। पूछने पर केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि बोर्डों को मिट्टी के घोल से पुतवा दिया गया है।
मोबाइल, वाट्सअप, ब्लूटूथ और लैपटाप जैसे आधुनिक संसाधनों के चलते अब नकल कराने के पुराने तरीके खत्म हो गए हैं। परीक्षा के पहले ही दिन नकल के लिए बदनाम कई सेंटरों में बोल-बोलकर नकल कराई गई। वहीं, इन केंद्रों में नकल कराने के नाम पर पहले से ही छात्रों से फीस जमा कराए जाने की सूचना है।