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हिमस्खलन से पतारा का सैनिक शहीद

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kanpur dehat accident - फोटो : GHATAMPUR
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घाटमपुर/पतारा (कानपुर)। क्षेत्र के बिराहिनपुर (बलहापारा) गांव निवासी एक सैनिक हिमस्खलन के दौरान लद्दाख की कारगिल चौकी में शहीद हो गया। गुरुवार देरशाम सूचना जैसे ही पैतृक गांव पहुंची तो कोहराम मच गया। परिजनों और गांववालों ने सूचना की पुष्टि करने के बाद हादसे को सही बताया। वहीं, पुलिस-प्रशासन भी सैनिक के शव के आने का इंतजार कर रहा है। कोतवाल ज्ञानसिंह ने बताया कि शहीद का शव संभवता: शनिवार शाम तक उसके गांव आ पाएगा।
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पतारा ब्लाक के बिराहिनपुर गांव निवासी स्व. रतनसिंह गौर का छोटा बेटा धर्मेंद्र सिंह उर्फ बब्लू (40) वर्ष 1999 में सेना में बतौर हवलदार भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी तैनाती लद्दाख क्षेत्र की मुश्कोह घाटी स्थित कारगिल चौकी में रडार पर थी। गुरुवार को हिमस्खलन के दौरान सेना की चौकी उसकी चपेट में आ गई थी। चौकी पर तैनात चार सैनिक बर्फ में दब गए। सेना ने बचाव और राहत कार्य शुरू किया बर्फ में दबे सैनिकों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। जहां इलाज के दौरान धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई। शहीद धर्मेंद्र सिंह के बड़े भाई अर्जुन सिंह गौर ने बताया कि इसकी सूचना उसे गुरुवार की देर शाम मिली। उसने सेना के अधिकारियों और वहां तैनात अपने चचेरे भाइयों से हादसे की पुष्टि की।
अर्जुन सिंह ने बताया कि उसके दो चचेरे भाई सतेंद्र सिंह और सतवीर सिंह भी उसी इलाके में सेना में तैनात हैं। उन्होंने हादसे में धर्मेंद्र की मौत होने की पुष्टि की है। बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है जहां उसके चचेरे भाई और एक रिश्तेदार मौजूद हैं। बताया कि शव को अंत्येष्टि के लिए पैतृक गांव बिराहिनपुर लाया जाएगा। एसडीएम (घाटमपुर) वरुण कुमार पांडेय ने बताया कि सैनिक के शहीद होने की जानकारी मिली है।
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हिमस्खलन में शहीद सैनिक धर्मेंद्र सिंह के परिवार में वृद्ध मां शिवदेवी के साथ ही पत्नी सुनीता सिंह और दो बच्चे उत्कर्ष सिंह (15) और राजवर्धन सिंह (9) हैं। शादी वर्ष 2002 में हरीपुर (रायबरेली) में हुई थी। दोनों बच्चे चंडीगढ़ में स्थित एक पब्लिक स्कूल में हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि, वृद्ध मां और सैनिक की पत्नी चकेरी (कानपुर) स्थित मकान में रहती हैं। हादसे की जानकारी मिलते सभी का हाल-बेहाल है। परिजनों और गांववालों ने बताया कि धर्मेंद्र दशहरा पर 20 दिन की छुट्टी लेकर आया था और दीपावली मनाने के बाद वापस गया था। उसके सहपाठियों उमेश सचान, राजेश यादव, अजय कुमार, सुनील और सर्वेश कुमार सचान ने बताया कि धर्मेंद्र सिंह नेप्राथमिक शिक्षा गांव के प्राइवेट स्कूल में ग्रहण की थी। जबकि, आगे की शिक्षा घाटमपुर में प्राप्त करने के बाद सेना में भर्ती हो गया था। बताया कि जब भी वह छुट्टी पर गांव आता था तो अपने मित्रों से जरूर मिलता था।
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